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171 जोड़ों के सामूहिक विवाह कार्यक्रम का जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ।

मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी सगड़ी आजमगढ़।

आजमगढ़।
आजमगढ़ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत आईटीआई मैदान आजमगढ़ में 171 जोड़ों के सामूहिक विवाह कार्यक्रम का शुभारम्भ जिलाधिकारी नागेन्द्र प्रसाद सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। 
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत जनपद में 350 जोड़ों के लक्ष्य के सापेक्ष 392 जोड़ों की शादी की गयी, जिसमें आईटीआई ग्राउण्ड आजमगढ़ में 171 जोड़े, विकास खण्ड मिर्जापुर में 37 जोड़े, कोयलसा में 34 जोड़े, मेंहनगर में 36 जोड़े, ठेकमा में 72 जोड़े तथा विकास खण्ड फूलपुर में 42 जोड़ों द्वारा प्रतिभाग किया गया, जिसमें अल्पसंख्यक समुदाय के 06 जोड़ों ने भाग लिया। 
आईटीआई ग्राउण्ड आजमगढ़ में शामिल हुए 171 जोड़ों के लिए कुल 32 मण्डप बनाये गये थे, जिसमें अल्पसंख्यक समुदाय हेतु 01 मण्डप बनाया गया था। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना मा0 मुख्यमंत्री जी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। 
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि इस कार्यक्रम में हर जाति, धर्म के जोड़े शादी के लिए उपस्थित हैं, तथा उनका अपने-अपने धर्म, रीति-रिवाज के अनुसार विवाह संस्कार सम्पन्न कराया जा रहा है। उन्होने कहा कि 35 हजार रू0 लड़की के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से भेजा जायेगा, तथा 10 हजार रू0 का सामान तथा 06 हजार रू0 खाने-पीने के लिए व्यवस्था किया गया है। सरकार की तरफ से प्रति जोड़ों को 51 हजार रू0 दिया जा रहा है। इस अवसर पर सभी शादी के जोड़ो को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत सम्पन्न विवाह का प्रमाण पत्र दिया गया। 
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रति जोड़ों को सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत साड़ी कढ़ाई महरूम कलर (ब्लाउज) 01 अदद, पेटिकोट 01 अदद, भाॅवर हेतु फेटा 01 अदद, चुनरी 01 अदद, दुल्हा हेतु पैन्ट-शर्ट 01 अदद, बिछिया चाॅदी 05 ग्राम, पाॅयल चाॅदी 35 ग्राम, प्रेशर कूकर 03 लीटर 01 अदद, थाली 02 अदद, जग 01 अदद, गिलास 02 अदद, कलश 01 अदद, मोबाइल फोन नोकिया 105 डूअल सीम 01 अदद, शूटकेस, सिंगारदानी समान से भरा हुआ दिया गया। इसी के साथ ही जिलाधिकारी ने बताया कि उक्त समान देने के बाद कुछ पैसे बच रहे थे। उस पैसे से 392 जोड़ों को टीवी सेट दिया गया। 
आगे जिलाधिकारी ने बताया कि प्रति जोड़ों को मिठाई के साथ एक तुलसी का पौधा भी भेंट किया जा रहा है। उन्होने समस्त जोड़ों से अपील किया कि अपने शादी के एक वर्ष पूर्ण होने पर एक पौधा अवश्य लगायें तथा अपने आस-पास के लोगों को भी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के बारे में विस्तार से बतायें, जिससे वे भी इस योजना का लाभ उठा सकें। जिलाधिकारी द्वारा सभी जोड़ों को सुखमय जीवन के लिए आशीर्वाद तथा बधाई दी गयी। 
उप निदेशक समाज कल्याण सुरेश चन्द्र पाल ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत बताया कि इसके पात्रता के लिए कन्या के अभिभावक उ0प्र0 का मूल निवासी हो, कन्या/कन्या के अभिभावक निराश्रित, निर्धन अथवा जरूरतमंद हों, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत पात्रता हेतु आवेदक के परिवार की आय गरीबी रेखा की सीमा 02 लाख रूपये जो तहसील स्तर से निर्गत हों, के अन्तर्गत होना चाहिए, या जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा यह निर्णय लिया गया हो कि लाभार्थी की स्थिति नितान्त दयनीय व वंचित हो, विवाह हेतु किये गये आवेदन में पुत्री की आयु शादी की तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक होनी अनिवार्य है तथा वर के लिए 21 वर्ष की आयु पूर्ण हो गयी हो। आयु की पुष्टि के लिए स्कूल शैक्षिक रिकार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता प्रमाण पत्र, मनरेगा जाॅब कार्ड, आधार कार्ड मान्य होंगे, अनुसूचित जाति/जन जाति तथा अन्य पिछड़े वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, विवाह हेतु निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांग अभिभावक की पुत्री, ऐसी कन्या जो स्वयं दिव्यांग हो, को प्राथमिकता प्रदान की जायेगी तथा निर्धारित आवेदन पत्र ग्रामीण क्षेत्र में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत तथा शहरी क्षेत्र में नगर निगम/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत तथा जोनल कार्यालय पर जमा किये जायेंगे।
कार्यक्रम का संचालन कमला सिंह ‘तरकस’ द्वारा किया गया। 
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन नरेन्द्र सिंह, उप निदेशक समाज कल्याण सुरेश चन्द्र पाल, जिला विकास अधिकारी रवि शंकर राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार यादव, भूमि संरक्षण अधिकारी संगम सिंह, 181 महिला हेल्पलाइन टीम की ममता यादव, कामिनी सिंह, अन्नू सिंह, प्रीति उपाध्याय सहित जोड़ों के अभिभावक उपस्थित रहे।
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