जीयनपुर। आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से गुरुवार को जीयनपुर स्थित कर्बला मैदान में मरकजी मोहर्रम कमेटी के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के ताजियादार, अखाड़ेदार, ढोल-ताशा बजाने वाले युवा, कमेटी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष भी मोहर्रम के सभी जुलूस, मजलिसें एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम पुरानी परंपराओं के अनुरूप ही संपन्न कराए जाएंगे। किसी भी नई परंपरा या नए रूट की अनुमति नहीं होगी। जुलूस केवल पूर्व निर्धारित एवं पारंपरिक मार्गों से ही निकाले जाएंगे तथा सभी ताजियादार निर्धारित समय के भीतर अपने ताजिये कर्बला मैदान तक पहुंचाएंगे।
बैठक की सूचना मिलने पर जीयनपुर कोतवाली प्रभारी विनय कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उपस्थित लोगों से संवाद कर शासन-प्रशासन के निर्देशों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मोहर्रम इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाने वाला संवेदनशील एवं आस्था का पर्व है, जिसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
कोतवाली प्रभारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की हुड़दंग, अश्लीलता, अराजकता अथवा नई परंपरा डालने का प्रयास किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करता है तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं मरकजी मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष नेहाल मेहदी ने पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि कमेटी के स्वयंसेवक पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि जीयनपुर का इतिहास हमेशा से सौहार्द और शांति का रहा है तथा इस वर्ष भी मोहर्रम का जुलूस अनुशासित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाएगा।
बैठक में मौजूद वरिष्ठ नागरिकों एवं प्रबुद्धजनों फारुख अहमद, एखलाक मिस्बाही, इरशाद अहमद, आफताब मास्टर एवं आलमगीर मास्टर ने युवाओं से अपील की कि त्योहार की गरिमा बनाए रखें तथा किसी भी ऐसी गतिविधि से दूर रहें जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो।
बैठक में मुख्य रूप से अजहर अब्बास, नसीम अब्बास, फहद खान, फैसल खान, आसिफ खान, सलमान खान, हाशिम खान, तारीक खान, अयाज अब्बास, अशरफ खान, साकिब खान, जैद जैदी, रमजान, इरशाद खान, मोइन अहमद, सूफियान कुरैशी, शहंशाह, जावेद सहित सैकड़ों की संख्या में ताजियादार, अखाड़ेदार एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।