“उन्हें मुझे सौंप दीजिए… मैं जिंदगी भर संभाल लूंगा”
नई दिल्ली/आजमगढ़। जब कोई जिंदगी धीरे-धीरे अंत की ओर बढ़ रही हो और उम्मीद की आखिरी किरण भी धुंधली पड़ती दिखे, ऐसे समय में अगर कोई हाथ थामने के लिए आगे आए, तो वह सिर्फ एक इंसान नहीं, इंसानियत की सबसे मजबूत आवाज बन जाता है।
ऐसी ही संवेदनशील घड़ी में दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता अभिषेक राय ने एक ऐसी पहल की है, जिसने लोगों को भावुक कर दिया है। इच्छामृत्यु की अनुमति पा चुके हरिश राणा को लेकर उन्होंने सरकार, AIIMS प्रबंधन और परिजनों से मार्मिक अपील की है—
“उन्हें मुझे सौंप दीजिए… मैं उनकी जिंदगी का सहारा बनना चाहता हूं।”
बताया जा रहा है कि द्वारा हरिश राणा को इच्छामृत्यु की अनुमति मिल चुकी है। यह एक ऐसा मोड़ है, जहां कानून ने रास्ता दिया है, लेकिन इंसानियत अब भी उम्मीद की लड़ाई लड़ रही है।
अभिषेक राय ने साफ कहा—
“मैं हरिश राणा की पूरी जिम्मेदारी लेने को तैयार हूं। जब तक वह जीवित रहेंगे, उनके इलाज, देखभाल और हर जरूरत का खर्च मैं उठाऊंगा… बस एक मौका दीजिए।”
उनकी अपील में सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि गहरी संवेदना और एक अनजान जिंदगी को बचाने का जज्बा साफ दिखता है। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया है कि इस संदेश को ज्यादा से ज्यादा साझा किया जाए, ताकि यह आवाज जिम्मेदार लोगों तक पहुंच सके।
अभिषेक राय, जो दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता रह चुके हैं और से जियनपुर नगर पंचायत का चुनाव भी लड़ चुके हैं, इस वक्त किसी राजनीतिक पहचान से नहीं, बल्कि एक इंसान के रूप में सामने आए हैं।
यह सिर्फ एक खबर नहीं है।
यह उस संघर्ष की कहानी है, जहां एक ओर मौत की आहट है…
और दूसरी ओर एक अडिग विश्वास—
“अभी जिंदगी बाकी है…”