आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
• अधिक फास्ट फूड और तैलीय भोजन से करें परहेज़
• भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियों और मौसमी फलों को करें शामिल
• सुबह की सैर, योग और व्यायाम को दें प्राथमिकता
आजमगढ़, 5 अप्रैल 2022- संक्रमित खानपान से लीवर यानि यकृति की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इससे पाचन संबंधी समस्या स्वाभाविक तौर पर उत्पन्न हो जाती हैं। इसलिए कोशिश करें घर का बना ताजा भोजन ही करें। यह कहना है मंडलीय जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ परामर्शदाता एवं फिजीशियन डॉ. राजनाथ का।
डॉ राजनाथ ने बताया कि शरीर के हर अंग की अहम भूमिका होती है। वहीं लीवर को अतिसंवेदी अंग माना जाता है। हमारे खान–पान का सीधा असर लीवर पर पड़ता है। जहाँ पोषक व संतुलित आहार का सेवन लीवर को सेहतमंद बनाता है, वहीं अधिक तैलीय और गरिष्ठ भोजन लीवर को फैटी बनाते हैं यानी भोजन में अतिरिक्त वसा की मात्रा लीवर में जमा हो जाती है। इससे लीवर ठीक से काम नहीं करता और पाचनक्रिया सुस्त हो जाती है। इस समस्या से ग्रसित लोगों को अक्सर पेट से जुड़ी कोई न कोई शिकायत बनी ही रहती है।
उन्होने बताया की फैटी लीवर होने के साथ लीवर फेलियर की संभावना हो सकती है। इसमें जो लोग अधिक फास्ट फूड और तैलीय भोजन लेते हैं, उन्हें नॉन एल्कोहलिक व जो एल्कोहल का अधिक सेवन करते हैं, उन्हें एल्कोहलिक फैटी लीवर की परेशानी होती है। इससे लीवर फेलियर की संभावना बढ़ जाती है। यदि समय पर उपचार और खान-पान में ध्यान नहीं दिया गया तो लीवर फाइब्रोसिस के साथ-साथ लीवर फेलियर के रूप में सामने आती है। इस संक्रमण में लीवर में सूजन के साथ रेशेदार संरचना बन जाती है और इस स्थिति में लीवर ठीक से काम करना बंद कर देता है, जोकि लीवर फेलियर के साथ कई अन्य बीमारियों की वजह बनती है।
डॉ राजनाथ ने बताया की मंडलीय जिला चिकित्सालय में हमारी ओपीडी कमरा नंबर 15 में होती है। ओपीडी में लगभग 130 से 150 मरीज आते हैं। जिसमें 20 से 25 मरीज पेट से संबन्धित समस्या के होते हैं। इस क्रम में जनवरी माह में 1116, 1976 तथा मार्च में 2431 मरीजों की ओपीडी हुई थी।
बाजार गोसाई हरैया निवासी 26 वर्षीय रीना सोनकर ने बताया कि मुझे दो महीने से पेट में रुक-रुक कर दर्द होता था। डाक्टर को दिखाया, यहाँ देखने के साथ ही जांच के बाद दवा लिखा था। मुझे एक हफ्ते बाद बुलाया गया था। मैंने परहेज किया और दवा खाया, अब मुझे काफी आराम है।
भंवरनाथ निवासी 18 वर्षीय रितिका सिंह ने बताया की मुझे पेट दर्द के साथ दस्त की समस्या थी, खाना नहीं पचता था। तीन दिन पहले ओपीडी में दिखाया था। देखने के बाद डाक्टर ने जांच कराई थी तथा दवा लिखी थी। अब मैं काफी स्वस्थ महसूस कर रही हूँ।
प्रमुख लक्षण –
• पेट के दायें भाग के ऊपरी हिस्से में दर्द होना
• वजन गिरना, कमजोरी महसूस करना एवं पाचन संबंधी समस्याएँ होना
• पेट में दर्द और सूजन होना, भूख कम लगना
• आलस्य रहना
• उल्टी महसूस करना
इनसे करें परहेज-
• तंबाकू, गुटका, एल्कोहल व निकोटिन का सेवन न करें
• जंक फूड, तैलीय गरिष्ठ व अधिक मसालेदार भोजन का सेवन सीमित मात्रा में करें
• नमक, चाय और काफी का सेवन कम करें
इसे अपनाएं जरूर-
• छाछ (मट्ठा) और नारियल पानी पियें
• भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियों व मौसमी फलों को शामिल करें
• सुबह की सैर, योग और व्यायाम को दिनचर्या में शामिल कर दें प्राथमिकता