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जीएसटी के विरोध में बंद रहा अजमतगढ़ बाजार।

आज़मगढ़।

सगड़ी।

सगड़़ी नगर पंचायत अजमतगढ़  उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल द्वारा आयोजित भारत बंद के संबंध में व्यापार मण्डल नगर अध्यक्ष बृजेश जायसवाल की अगुवाई में अजमतगढ़ बाजार बंद रहा।बृजेश जायसवाल ने कहा कि जी.एस.टी. यानी गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स, यह टैक्स प्रणाली बहुत ही उलझाऊ और जटिल टैक्स प्रणाली है वहीं दूसरी तरफ इस टैक्स कानून से जुड़े अधिकारी व विभाग अपनी तैयारी भी ठीक तरह से नहीं कर पाये हैं। इस दशा में इस जी.एस.टी. कानून को अभी लागू करना व्यापारी व जनहित में उचित नहीं होगा। इसे 3 से 6 माह के लिए टाला जाना चाहिए और इसके साथ-साथ इसमें कुछ कमियां हैं, जिसको दूर किया जाना अति आवश्यक है।उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल ने शुक्रवार को दोपहर 2 बजे उप जिलाधिकारी सगड़़ी रवि रंजन को अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। जिसमें जीएसटी में ई-बिलिंग के अलावा मैनुअल बिलिंग की सुविधा पहले जैसा व्यापार रखा जाय, व्यापारी के लिए कम्प्यूटर और चार्टर्ड एकाउण्टेंट रखना संभव  नहीं हैं ।इसलिए उसको वैकल्पिक रखा जाय। एक जुलाई से किसी कीमत पर जीएसटी स्वीकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि इसके लिए अभी सरकार की तैयारी पूरी नहीं हुई है। व्यापारियों को भी कोई विशेष जानकारी अभी तक नहीं है। इसलिए जीएसटी को कम से कम 6 माह के लिए आगे बढ़ाया जाय। किसी भी प्रकार से सजा के प्रावधान को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल स्वीकार नहीं करेगा। जुर्माना और अर्थदण्ड व्यापारी के ऊपर किसी प्रकार स्वीकार नहीं है। दो साल तक अर्थदण्ड नहीं लगाना चाहिए। कपड़े पर से जीएसटी हटना चाहिए। जीएसटी लागू से पूर्व व्यापारी को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। जीएसटी में आई.टी.सी. क्लेम अभी स्पष्ट नहीं है। इसको स्पष्ट किया जाना चाहिए। जीएसटी इतना जटिल है कि बिना वकील और चार्टर्ड एकाउण्टेंट की मदद से व्यापार नहीं किया जा सकता। इसको सरल बनाया जाय प्रमुख मांगें हैं। कार्यक्रम के अंत में नगर अध्यक्ष बृजेश जायसवाल व महामंत्री कन्हैया अग्रवाल  ने संयुक्त रूप से कहा कि इस काले कानून से देश का समूचा व्यापारी जगत आज सड़क पर आंदोलित है जिसके संबंध में व्यापारियों ने जगह-जगह विरोध प्रदर्शन कर अपने-अपने प्रतिष्ठानों को स्वतः बंद करते हुए इस काले कानून और इसकी कमियों के प्रति अपने नाराजगी जाहिर करने का काम किया है। उन्होंने केन्द्र सरकार आगाह करते हुए कहा कि जनहित में कानून की कमियां और जल्दबाजी जो कि 01 जुलाई 2017 को जी.एस.टी. लागू करने की जो जिद है उसे किसी भी दशा में वापस लें, नहीं तो व्यापारी क्रांतिकारी लड़ाई के लिए बाध्य होगा। इस मौके पर बृजेश जायसवाल, कन्हैया अग्रवाल, रामधनी वर्मा, नंदलाल जायसवाल, अमरनाथ गुप्ता, कमलेश रंगवा, अनिल शर्मा, कौशल पांडेय, इंदल सिंह, जितेंद्र, राजू गुप्ता, मनीष मोदनवाल, राम प्रसाद हलवाई, मुन्ना हलवाई, गोलू, गोलू जायसवाल, रामधनी गुप्ता, रामजतन वर्मा, लल्लन वर्मा, सुदर्शन वर्मा, सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

रिपोर्ट- मनोज चतुर्वेदी
जोन रिपोर्टर-आज़मगढ़

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                         समाचार इंडिया लाइव
                             ब्यूरो आज़मगढ़

   

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