आज़मगढ़।
रिपोर्ट: शैलेंद्र शर्मा
आजमगढ़
आजमगढ़ । भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर रावण मंगलवार को दूसरी बार जिले में दलितों पर हो रहे जुल्म को लेकर आए। वे शांति पूर्वक अपने समर्थकों के साथ जिलाधिकारी को मांग पत्र सौपने जा रहे थे । इस बीच कलेक्टरेट पास पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के ने रोक दिया । भीम आर्मी चीफ रावण समर्थकों के साथ पुलिस से भिड़ गए। हालाकि झड़प तक ही मामला सिमट कर रह गया ।
भीम आर्मी के उत्तेजित कार्यकर्तओं को देख प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों ने कलेक्ट्रेट के समीप डेरा डाल दिया था । इस दौरान चंद्रशेखर अपने तेवर में दिखे, उन्होंने कहा सत्ता का नशा उतारूंगा। मामले को शांत करने के लिए डीएम ने हस्तक्षेप किया और चंद्रशेखर कुछ लोगों के साथ उनसे मिले और ज्ञापन सौंप कर वापस लौट गए।
इससे पहले रोडवेज स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में भीम आर्मी चीफ रावण ने कहा कि- यूपीे कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। आजमगढ़ में एक माह में दुष्कर्म सहित दलितों व गरीब तबके साथ 40 घटनाएं हुईं और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मौन रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी सरकार एनकाउंटर के नाम अपने विरोधियों को पुलिस से मरवा रही है ।किसान आंदोलन पर कहा कि कोरोना का बहाना बनाकर सरकार ने सदन का सत्र बंद कर दिया है। किसानों की तीनों बिल वापस लेने की मांग जायज हैं।