आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़ 23 जनवरी-- राष्ट्रीय महिला आयोग, उ0प्र0 राज्य महिला आयोग के संयुक्त तत्वाधान में राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर नेहरू हाल के सभागार में आयोजित दो दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर (23 व 24 जनवरी 2021) का महिला आयोग की सदस्य मा0 संगीता तिवारी, सिविल जज शैलजा मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन नरेन्द्र सिंह एवं एसपी ट्रैफिक सुधीर जायसवाल द्वारा संयुक्त रूप से शुभारम्भ किया गया।
हस्ताक्षर अभियान के अन्तर्गत उपस्थित सभी लोगों द्वारा हस्ताक्षर एवं बने हुए सेल्फी प्वाइण्ट पर सेल्फी ली गयी।
हर साल भारत में 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2008 में महिला और बाल विकास मंत्रालय ने की थी। इस दिन को मनाने का उद्देश्य देश में बालिकाओं के साथ होने वाले भेदभाव के प्रति लोगों को जागरुक करना है। इस अवसर पर देश भर में बालिका बचाओं अभियान चलाए जाने लगे, इसके अलावा चाइल्ड सेक्स रेशो और लड़कियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण देने के लिए हर संभव कोशिश की जाती है।
महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 2015 में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की शुरुआत की थी। सरकार का ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान लड़कियों के लिए चलाया गया एक बहुत अच्छा कदम है। इसके जरिए लड़कियों और महिलाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया जाता है। महिलाओं के प्रति होने वाली कई अमानवीय प्रथाओं जैसे भू्रण हत्या अब कम हो गए हैं।
इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य संगीता तिवारी ने बताया कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार 06-10 वर्ष आयु वर्ग की 20 प्रतिशत लड़कियों को एवं 9-13 वर्ष आयु वर्ग तक की लड़कियों को स्कूल भेजने से रोका जाता है, इस प्रकार लगभग 42 प्रतिशत लड़कियों को शिक्षा से वंचित रहना पड़ता है, हमें आज जरूरत है लड़कों के समान ही लड़कियों को शिक्षा देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाय, जिससे वे समाज व देश का नाम रौशन कर सकें। उन्होने आमजन से अपील किया कि लड़कियों से घर के जो कार्य कराये जाते हैं वे सभी कार्य लड़कों से भी करायें एवं लड़कों को लड़कियों एवं महिलाओं का सम्मान करने के लिए प्रेरित करें। आगे उन्होने बताया कि कोई भी 18 वर्ष से ऊपर की पीड़ित महिला (घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, बलात्कार आदि से पीड़ित महिला) अपनी शिकायत महिला आयोग में आवेदन पत्र के माध्यम से कर सकती है, इसके लिए महिला आयोग द्वारा एक व्हाट्स नम्बर (6306511708) जारी किया गया है। इस नम्बर पर कोई भी पीड़ित महिला अपना आवेदन पत्र एवं आधार कार्ड भेज सकती है, जिस पर महिला आयोग द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।
सिविल जज शैलजा मिश्रा ने कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न पर कानूनी पक्षों को विस्तार से सरल शब्दों में बताया। उन्होने बताया कि निवारण प्रतिषेध अधिनियम 2013 की धारा 04 के अन्तर्गत प्रत्येक सरकारी कार्यालयों में जहाॅ पर 10 या उससे अधिक कार्मिक कार्यरत हैं, वहाॅ पर महिलाओं की कार्यस्थल पर सुरक्षा के लिए आन्तरित परिवार समिति गठित की जाती है एवं जहाॅ पर 10 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, वहाॅ पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए लोकल कमेटी गठित की गयी है। उन्होने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 वूमेन पावर लाइन, 181 महिला हेल्प लाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्प लाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 1098 चाइल्ड लाइन, 102 स्वास्थ्य सेवाएं एवं 108 एम्बूलेंस सेवा भी चलायी जा रही है।
इसी के साथ ही महिला थानाध्यक्ष आजमगढ़ खुशबू त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का निराकरण किये जाने के लिए प्रत्येक थानों पर महिला हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है। इस महिला हेल्प डेस्क पर महिला कर्मचारी की तैनाती की गयी है, जिस पर कोई पीड़ित महिला दूर-दराज से आकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है, उसकी समस्याओं को निस्तारित किया जायेगा और महिलाओं की सुरक्षा के लिए डायल 112 पीआरबी वैन चलायी जा रही है।
इस अवसर पर जामिया मिलिया दिल्ली की बीए एलएलबी प्रथम वर्ष की छात्रा तेजस्वीता पूनम द्वारा कार्यस्थल पर छेड़खानी पर बनाये गये कानूनों में आर्टिकल 14, 19 व 21 के बारे में विस्तार से बताया।
हिना देसाई समाजसेविका ने बताया कि आज आजमगढ़ में प्रति 1000 पुरूषों पर 1012 महिलाओं की संख्या है, 0-6 वर्ष के आयु वर्ग में 1000 लड़कों पर 916 लड़कियाॅ हैं। उन्होने कहा कि लड़कियाॅ भी लड़कों के बराबर सभी कार्य कर सकती है, फिर भी हम अपनी रूढ़ीवादिता सोच के अनुसार लड़कियों की अपेक्षा लड़कों पर ज्यादा ध्यान देते हैं। लड़कों की अपेक्षा लड़कियाॅ अपने माॅ-बाप की सेवा ज्यादा करती हैं। इसलिए हमें बेटियों में कोई भेद भाव नही करना चाहिए, उन्हें अच्छी से अच्छी शिक्षा देकर उन्हें आगे बढ़ाना चाहिए।
इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव द्वारा सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया। आगे उन्होने आये हुए महिलाओं/बालिकाओं से कहा कि हस्ताक्षर अभियान के अन्तर्गत अपना हस्ताक्षर करें एवं अपना मोबाइल नम्बर, आधार नम्बर व खाता नम्बर का विवरण कार्यालय में उपलब्ध करा दें, जिससे कि उनके खाते में आरटीजीएस के माध्यम से निर्धारित धनराशि प्रेषित की जा सके।
कार्यक्रम का संचालन ज्ञानेन्द्र मिश्रा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की डाॅ0 सुषमा गुप्ता, जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव, जिला महिला कल्याण अधिकारी प्रीति उपाध्याय, जिला समन्वयक अन्नु सिंह, वन स्टाप सेन्टर के कर्मचारी सहित बालिकाएं/महिलाएं उपस्थित रहीं।