आज़मगढ़।
रिपोर्ट: विशाल कुमार
क्षेत्र के कई संभ्रांत रहे उपस्थित।
आज़मगढ़: बुढ़नपुर तहसील क्षेत्र विद्याधनं सर्व धनं प्रधानम् अर्थात विद्या धन समस्त धनों में सर्व श्रेष्ठ धन होता है। इस कहावत को चरितार्थ किया है जिले के कोयलसा ब्लाक के हूंसेपुर रामजियावन गांव के पूर्व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विश्वनाथ सिंह का परिवार।
बतादें कि विश्वनाथ सिंह के दो बेटे विनीत कुमार सिंह और सुमित कुमार सिंह जो अपने पिता का नक्से कदम पर चलते हुए सिविल जज की परीक्षा उत्तीर्ण किया तो उनकी एक बहु शिखा सिंह पी सी एस की परीक्षा उत्तीर्ण कर जिला पंचायतराज अधिकारी बनी तो वहीँ दूसरी बहु का चयन सिविल जज के पद पर हुआ। आज महराजगंज स्थित ओम साईं मैरज हाल मे एक अभिनन्दन समारोह का आयोजन कर क्षेत्र के संभ्रांत लोगों ने इन सरस्वती पुत्रों का सम्मान किया।
अभिनन्दन समारोह मे मौजूद श्रीकृष्णपाल ने विश्वनाथ सिंह की तुलना राजा दशरथ से करते हुए उन्हें भाग्यशाली बताया। इस अवसर पर पूर्व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विश्वनाथ सिंह ने लोगों को शिक्षा के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करते रहने की बात कहते हुए कभी न हारने की नसीहत दी तथा शिक्षा के प्रति जागरूक व जरुरतमंद बच्चों के हर संभव मदद करने की बात कही। अभिनन्दन समारोह के आयोजनकर्ता व विश्वनाथ सिंह के रिस्तेदार हरेंद्र सिंह सहित पूर्व जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह, हरिबंश मिश्र, हरीश पाठक, शीला यादव, नरेन्द्र सिंह, गुलाब सिंह, जितेंद्र तिवारी आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बतादें कि विश्वनाथ सिंह के दो बेटे विनीत कुमार सिंह और सुमित कुमार सिंह जो अपने पिता का नक्से कदम पर चलते हुए सिविल जज की परीक्षा उत्तीर्ण किया तो उनकी एक बहु शिखा सिंह पी सी एस की परीक्षा उत्तीर्ण कर जिला पंचायतराज अधिकारी बनी तो वहीँ दूसरी बहु का चयन सिविल जज के पद पर हुआ। आज महराजगंज स्थित ओम साईं मैरज हाल मे एक अभिनन्दन समारोह का आयोजन कर क्षेत्र के संभ्रांत लोगों ने इन सरस्वती पुत्रों का सम्मान किया।
अभिनन्दन समारोह मे मौजूद श्रीकृष्णपाल ने विश्वनाथ सिंह की तुलना राजा दशरथ से करते हुए उन्हें भाग्यशाली बताया। इस अवसर पर पूर्व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विश्वनाथ सिंह ने लोगों को शिक्षा के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करते रहने की बात कहते हुए कभी न हारने की नसीहत दी तथा शिक्षा के प्रति जागरूक व जरुरतमंद बच्चों के हर संभव मदद करने की बात कही। अभिनन्दन समारोह के आयोजनकर्ता व विश्वनाथ सिंह के रिस्तेदार हरेंद्र सिंह सहित पूर्व जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह, हरिबंश मिश्र, हरीश पाठक, शीला यादव, नरेन्द्र सिंह, गुलाब सिंह, जितेंद्र तिवारी आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासंघ आजमगढ़ की एक बैठक लौह पुरुष शिक्षा निकेतन जलालपुर महाबल पट्टी के सभागार मे इंद्रदेव विश्वकर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई जिसमें विश्वकर्मा समाज के संगठन के महत्त्व पर व समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ जमकर लोगों ने चर्चा की। जिला उपाध्यक्ष रामप्रकाश शर्मा ने कहा कि हमारे समाज में लोग अपनी शान शौकत दिखाने के लिए शादी विवाह में फीजूल खर्च कर देते हैं जबकि इस धन का उपयोग बच्चों की अच्छी शिक्षा पर होना चाहिए संगठन के महत्त्व की चर्चा करते हुए इन्होंने कहा कि हमारे समाज का जब भी कोई साथी अन्याय और अत्याचार से घिरा हो तो वहां पर हमारा समाज एकजुट होकर लड़ाई जीत सकता है। इसी प्रकार राजेश विश्वकर्मा ने विश्वकर्मा समाज के बुद्धजीवियों से अपील किया कि सभी लोग, लोगों के बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए प्रेरित करें तभी समाज का सर्वांगीण विकास सम्भव है। संघ के मीडिया प्रभारी चंद्रशेखर विश्वकर्मा ने अपनी चर्चा में लोगों को आगाह किया कि वे अपने-अपने बच्चों को तकनीकी शिक्षा से जोड़े। डाक्टर फूल चंद विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन को शक्रिय व शक्ति शाली बनाने के लिए समाज के युवाओं को आगे लाया जाय क्योंकि किसी भी देश व समाज की ताकत युवाओं के हाथ में होती है ।अच्छी व रचनात्मक सोच लेकर यदि युवा वर्ग इस संगठन से जुड़ेगा तो निश्चित ही अपना विश्वकर्मा महासंघ एक अच्छी ताकत के साथ उभारेगा। भगौती प्रसाद विश्वकर्मा ने निवेदन किया कि बैठक में निर्धारित समय से लोगों को चाहिए कि वे दस मिनट पहले ही पहुंचे। बैठक में मुख्य रूप से मुकेश विश्वकर्मा, सीताराम विश्वकर्मा,लौटूराम विश्वकर्मा, रामचंद्र विश्वकर्मा, नरेंद्र कुमार विश्वकर्मा, घनश्याम विश्वकर्मा, राजाराम विश्वकर्मा, दिनेश विश्वकर्मा व पंकज विश्वकर्मा ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किए।
