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हमारे मुल्क की पहचान मेरी जान है हिन्दी।

श्रावस्ती।



श्रावस्ती। हमारे मुल्क की पहचान मेरी जान है हिन्दी यहां हर शक्स के चेहरे की तो पहचान है हिन्दी करें हिन्दी की सब पूजा इबादत हिन्द की कर
ले हमारी आन है हिन्दी हमारी शान है हिन्दी उक्त पंक्तियां सुविखा इन्टर
कालेज गिलौला के परिसर मे अखिल भारतीय साहित्य परिषद् श्रावस्ती द्वारा आयोजित कवि गोष्ठी मे रामपुर सीताद्वार के नवोदित कवि नीरज शुक्ल ने पढ़ी।गिलौला के माहिर अली माहिर ने अपनी कविता पढ़ते हुए कहा चलो उस तरफ बहती
गंगा जहां हो, सियासत का न कोई फंदा जहां हो, सदा हो बहारो की खुशुबू
जहां पर, कोई मारा मारी न दंगा जहां हो। कटरा बाजार निवासी अनिल चुलबुली ने अपनी कविता की पंक्ति पढ़ते हुए कहा हकीकत यौ कि अकसर भीख दानी मांग जाते है, जहां रण बुरो ने नाप डाली है धरा, वही कितने ही पानीदार पानी मांग जाते है।थल सेना सेवानिवृत्त सुरेश सैनिक ने कहा ताकते मिलती नही बस जायका, चाइना जिन व्यंजनो की मायका है। चाउमिन बर्गर वो मोमो की जकड़ मे फंस गया घी दूध देशी गाय का है। सभी किसानो को खेतोहित जागरूक करना होगा पशुपालन कर दूध दही से घर अपना भरना होगा बुद्विमान बलवान बना करके अपनी संतानो को उत्तम खेती, उत्तम किसान यह सिद्ध पुनः करना होगा।उक्त कविता की पंक्तियां बहराइच निवासी ओज के कवि गुलाब जायसवाल ने पढ़ी तो वही मधुकर ने कहा लिफ्ट देते नही तो वो नाराज हो जाते है। लिफ्ट देते तो वो
दाद खाज हो जाते है। जाते ऐसे चिपक पानी की जोख हो जैसे। मधुकर के लिए वो हिनालाज हो जाते है। इसी प्रकार अन्य कवियों ने भी अपनी अपनी रचनाएं पढ़ी
इस अवसर पर रामवचन वर्मा, जीवनलाल विश्वकर्मा, विद्यालय के प्रधानाचार्य रामसूरत त्रिपाठी तथा विद्यालय के अन्य शिक्षक भी मौजूद रहे। जिन्होने कविता का भरपूर आनन्द लिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप मे भारतीय जनता पार्टी श्रावस्ती के जिलाध्यक्ष महराज कुंवर तिवारी मुख्य अतिथि के
रूप मे उपस्थित रहे कवि गोष्ठी की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य ने
की।

रिपोर्ट- प्रदीप गुप्ता
ब्यूरो श्रावस्ती।

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