Breaking News

सड़कों पर लापरवाही, मौत को दावत देना।

झाँसी मऊरानीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग व नगर की सड़कों पर लापरवाही बरतने या तनक सी चूक लोगों को मौत की नींद सुला देती है।सड़कों के किनारे अक्सर बोर्ड लगे हुए नजर आते है जिनमें लिखा होता है कि पति पत्नी बच्चे माता-पिता भाई-बहन घर पर आपका इंतजार कर रहे हैं।यह लाइनें अपने आप में साफ कर देती हैं कि आप अपने परिवार के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। इन लाइनों ने बहुत से लोगों के दिलो और दिमाग पर इतना गहरा असर कर डाला है कि वह हमेशा पूरी सतर्कता के साथ सड़क पर वाहन लेकर उतरते हैं। 

इसके बावजूद सड़क पर लापरवाही से चलने वालों की कमी नहीं है और ज्यादातर हादसे लापरवाही से ही होते हैं।जी हां पूरे जिले भर में जिस तरह से आबादी बढ़ रही है उसी तेजी के साथ वाहनों की संख्या और हादसे भी बढ़ रहे हैं।आंकड़ों में दिखे तो पूरे जिले में लगभग रोजाना आधा दर्जन हादसे हो रहे हैं।ज्यादातर हादसों के पीछे वाहनों की तेज गति खस्ताहाल सड़के लापरवाही से वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना गलत दिशा में चलना अचानक मुड़ना जैसे कारण सामने आते हैं।सड़क पर सफर के साथ ही जिंदगी दांव पर लग जाती है कि कोई ठिकाना नहीं है कि कब कोई बस या ट्रक बाइक रौद दे या फिर स्वयं का वाहन किसी वाहन से दुर्घटना का शिकार हो जाए।हादसे के लिए अनियंत्रित ड्राइविंग यातायात के नियमों का उल्लंघन वाहनों की बढ़ती भीड़ अतिक्रमण जैसी कई बजह है।लेकिन हादसे चालक की गलती से होते हैं।इसकी दो वजह गिनाई जाती हैं। वाहन की तेज गति या चालक नशे में धुत होते है और सारा दोष पुलिसकर्मियों के माथे मढ दिया जाता है।लेकिन यातायात के लिए प्रबंधन तंत्र भी जिम्मेदार है।क्योंकि उनके पास है यातायात की व्यवस्था दुरुस्त करने की जिम्मेदारी होती है।लेकिन तमाम कारणों के चलते यह व्यवस्था को दुरुस्त करने में चूक हो जाती है।इसका फायदा वाहन चालक हमेशा उठाते रहते हैं।

रिपोर्ट: अखिलेश राज

और नया पुराने