मउरानीपुर झाँसी -नवरात्रि के चौथे दिन कस्बे में स्कंद माता की दर्जनों जगहों पर देवी प्रतिमा सजाई गई।प्रतिदिन देवी प्रतिमाओं का अलग अलग श्रृंगार कर उनकी भव्यता बड़ाई जाती है।शारदीय नवरात्रि शरद ऋतु के आश्विन माह में आने के कारण इन्हें शारदीय नवरात्रों का नाम दिया गया है।नवरात्रि में मां भगवती के सभी 9 रूपों की पूजा अलग-अलग दिन की जाती है।
नवरात्रि के चौथे दिन मां स्कन्द माता की पूजा होती है।दुर्गा का चौथा रूप स्कन्द माता है।इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है।इसी कारण इन्हें स्कंद देवी कहा जाता है. इनके शरीर का रंग सोने के समान बहुत चमकीला है और इनके दस हाथ हैं।इसका अर्थ है चंद्रमा के आकार वाले घंटे को धारण करने वाली. वे खड्ग और अन्य अस्त्र-शस्त्र से विभूषित हैं।सिंह पर सवार दुष्टों के संहार के लिए हमेशा तैयार रहती हैं।इनके घंटे की ध्वनि से अत्याचारी दानव-दैत्य और राक्षस कांपते रहते हैं। ग्राम बुखारा में भी चौथे दिन मां की पूजा अर्चना की गई जिसमे रात्रि आरती होने के बाद भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया।इस मौके पर जय माता दी सेवा समिति मंडल युवा कमेटी अखिलेश राज पत्रकार अध्यक्ष,रवि राज उपाध्यक्ष,राजवीर अहिरवार संयोजक,मूलचंद उर्फ मुलू,संयोजक,राजकुमार उर्फ गोलू व्यवस्थापक,राजा उमेस भूरे, सुनील,जयहिंद, राजा,रवि,नाथूराम, रज्जू, आदित्य,पुष्पेंद्र,यतीश,लालू,काली,अजय,नीरज,दीपू, सहित अनेक ग्राम बासी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: अखिलेश राज