आज़मगढ़।
सगड़ी।
सगड़ी तहसील के श्री गांधी पीजी कॉलेज मालटारी में हिंदी विभाग द्वारा डॉक्टर राम अवध सिंह प्राचार्य की अध्यक्षता में महर्षि बाल्मीकि जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ हसीन खान ने कहा कि- एक सामान्य से भी निम्न स्तर का जीवन यापन करने वाला व्यक्ति कैसे आत्मज्ञान के बाद डाकू रत्नाकर से महर्षि बाल्मीकि बन जाता है, यह हम सभी के लिए अनूठा उदाहरण है व्यक्ति अपने कर्म का खुद भागीदार होता है, यही बोध जब उन्हें होता है तो वे रामायण जैसे पवित्र ग्रंथ के रचयिता और कवि बन जाते हैं।
अखिलेश चंद्र ने कहा कि- आज के दौर में महर्षि बाल्मीकि हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, बुराई से अच्छाई की ओर पाप से पुण्य की ओर कैसे जाया जाता है, हम इनके जीवन से बखूबी जान सकते हैं। डॉ रामअवध यादव प्राचार्य ने कहा कि- महर्षि बाल्मीकि के भीतर क्रोंच पक्षी के मरने और उसके रुदन के बाद जो करूणा जागी वही कविता के रूप में इसी आजमगढ़ की धरती से उपजा। कार्यक्रम में डॉ दिनेश कुमार दुबे, डॉ नीलिमा सिंह, डॉ बालचंद्र प्रसाद, श्रीमती प्रियंका यादव, तथा समस्त छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: वीर सिंह