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पूर्व प्रेषित सैम्पल की जाँच रिपोर्ट आने के बाद किन क्षेत्रों को बनाया गया कंटेन्मेंट जोन पढ़िये विस्तृत खबर।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आजमगढ़ 29 जून-- जिला मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण से बचाव तथा इस संदर्भ में उत्पन्न परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में लागू किया गया देशव्यापी लाकडाउन भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा दिनांक 30 जून 2020 तक प्रभारी रहने के निर्देश निर्गत किये गये हैं। 
इसी क्रम में धार्मिक पूजा स्थलों, कार्यालय, माल, रेस्टोरेंट को खोलने हेतु केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी एसओपी के क्रम में दिशा निर्देश जारी करते हुए इन्हें दिनांक 08 जून 2020 से लागू कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। जनपद आजमगढ़ के परिप्रेक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा जारी शासनादेश का अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने हेतु दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। 
उन्होने बताया कि दिनॉक 24 जून 2020 की रात्रि को जनपद में नोवेल कोरोना संक्रमण के पूर्व प्रेषित सैम्पल की जाँच रिपोर्ट आने के उपरान्त जनपद आजमगढ़ के 1-मोहल्ला कासिमगंज, नगर पंचायत बिलरियागंज, तहसील सगड़ी में 02 व्यक्ति, 2- यादव बस्ती, हथनौर खुर्द, तहसील फूलपुर में 01 व्यक्ति के कोविड -19 से संक्रमित होने की पुष्टि हुयी है। 
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि कन्टेनमेंट जोन के निर्धारण के सम्बंध दी गयी व्यवस्था के अनुसार  जनपद के 1-वार्ड नं0-4 मोहल्ला कासिमगंज, नगर पंचायत बिलरियागंज, तहसील सगड़ी में 02 व्यक्ति, 2- यादव बस्ती, हथनौर खुर्द, तहसील फूलपुर का सम्पूर्ण क्षेत्र कन्टेनमेंट जोन होगा। 
इन क्षेत्रों में कन्टेनमेंट जोन प्रोटोकाल का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। जिसमें कान्टैक्ट ट्रेसिंग, चिकित्साधिकारी द्वारा किये गये रिस्क निर्धारण के आधार पर व्यक्तियों को होम/इन्स्टीच्यूशनल क्वारंटाइन किया जाना। इस हेतु ऑकलन सम्बंधित व्यक्ति के लक्षण, कन्फम्र्ड केस व उनके सम्पर्क की स्थिति तथा यात्रा इतिहास के आधार पर किया जायेगा। SARI (sever Accute Respiratiory Infaction), ILI (Infuenja Like Illnes) या दूसरे लक्षणों (भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्दिष्ट) वाले केसों की जॉच, विशेष रूप से गठित टीम द्वारा हाउस टू हाउस सर्विलांस, समस्त केसों का प्रोटोकाल के अनुसार नैदानिक प्रबंध (क्लिनिकल मैनेजमेंट), लोगों की काउन्सिलिंग व उन्हें इस सम्बंध में जागरूक करना एवं इस हेतु संचार प्रबंधन के प्रभावी उपाय करना, कन्टेनमेंट जोन में अत्यधिक सतर्कता बरती जायेगी तथा कड़े नियंत्रण लागू किये जायेंगे। इन क्षेत्रों (कन्टनमेंट जोन) के अन्दर एवं बाहर किसी भी व्यक्ति, वाहन इत्यादि को आवागमन की अनुमति नहीं होगी सिवाय ऐसी स्थिति के जो चिकित्सकीय आपातकालीन स्थिति और आवश्यक वस्तुओं/सेवाओं की आपूर्ति से सम्बंधित हो। इस सम्बंध में भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।

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