आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
रेप पीड़िता के घर पहुंची बाल अधिकार संरक्षण की सदस्य।
हर सम्भव मदद का दिया भरोसा।
आजमगढ: 05अक्टूबर 2020-- जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के 5 दिन पूर्व 8 वर्षीय बालिका के साथ हुए दुष्कर्म और जीवन मौत से जूझ रहे बालिका के घर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ सुचिता चतुर्वेदी पीड़िता के घर पहुंच कर पीड़ित की बहन आयशा से हाल जाना और दर्द बांटा।
इस दौरान उन्होंने 15 दिन के अंदर पीड़िता के खाते में 100000 एक लाख एव 1 माह के भीतर दो लाख रुपये की अन्य आर्थिक मद्त रानी लक्ष्मीबाई योजना से खाते में भेजने का भरोसा देते हुए कहा कि- मैं कल पीड़िता से मिलने वाराणसी बीएचयू अस्पताल जाकर उससे मिलूंगी एवं उसका हाल जानूगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के अपराध क्षमा योग्य नहीं है, ऐसे अपराधियों को फास्ट ट्रेक कोर्ट के द्वारा जल्द से जल्द सजा दे दी जाए, जिससे लोगों पर कानून का विश्वास जमा रहे। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री से मिलकर फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट के गठन करने की मांग कर पीड़िता के दोषियों को सजा दिलाने का काम करूंगी ।
जिससे कि जल्द से जल्द दुष्कर्म पीड़िता को न्याय मिल सके ।उन्होंने कहा कि- आरोपी पहले ही पुलिस की गिरफ्त में है पर बच्ची का परिवार से लगाव होने के कारण वह यह नहीं जान पाई कि मेरा हित और अहित कहां है। वह उसे बहला फुसला कर ले गया और परिवार के साथ धोखा किया। ऐसे लोग कतई क्षमा के योग्य नहीं है।
इस दौरान उन्होंने उसकी बड़ी बहन और परिजनों को भरोसा दिया कि जल्द से जल्द दोषी को सजा मिल सके। इस दौरान उनके साथ एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ सिंह, सीओ सगड़ी अजय कुमार यादव, कोतवाल नंदकुमार व भारी-भरकम फोर्स मौजूद रही।