आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आज़मगढ़। किसानों को अपने-अपने खेतों को छुट्टा पशुओं से बचाने के लिए कड़ाके की ठंड में भी रात-दिन निगरानी करनी पड़ रही है। थोड़ा सा मौका मिलते ही छुट्टा पशु खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा दे रहे हैं। कड़ाके की ठंड में जब लोग रजाई-कम्बल में दुबके रह रहे हैं, उसी समय किसान खेतों में खड़ी फसल की रखवाली के लिए मेढ़ों पर रात बिता रहे हैं।
आवारा पशुओं से किसान आह भर रहे हैं। जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं। आवारा पशुओं से बचाव के लिए हालांकि गौशाला निर्माण की पहल की गई है, लेकिन पशुओं के झुंड खेतों में पहुंचकर लगी फसलों को नष्ट कर रहे हैं। किसान फसलों की रखवाली में दिन-रात जुटे रहते हैं। इसके बावजूद भी अपनी गाढ़ी कमाई की फसलों को नहीं बचा पा रहे हैं।
आज सगड़ी तहसील के वेरमा गांव के किसानों ने 2 दर्जन से अधिक आवारा पशुओं को पकड़ कर गांव के मंदिर में जमा किया और इसकी सूचना एडीएम प्रशासन सहित अन्य क्षेत्रीय अधिकारियों और ग्राम प्रधान को दी गई। लेकिन देर शाम तक कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति किसानों की सुध लेने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा।
किसानों का कहना है कि- खेतों से सड़क तक छुट्टा पशुओं ने आतंक मचा रखा है। छुट्टा पशुओं के साथ ही नीलगायों की भी संख्या अधिक है, जिनकी वजह से फसलें बर्बाद हो रही हैं।
शासन की ओर से क्षेत्र में स्थाई व अस्थाई गौशालाओं की व्यवस्था की गई है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते छुट्टा पशु खेतों व सड़कों पर विचरण कर रहे हैं।
किसानों ने प्रदर्शन कर मांग किया है कि- निराश्रित पशुओं की व्यवस्था कर हमें इनके कहर से बचाया जाए जिससे हमारी फसलें सुरक्षित हो सके। इस दौरान मौके पर राजेश, केदरी सिंह, संजय सिंह, चंद्रिका सिंह, बृजपाल सिंह, आनंद सिंह अवधेश यादव शेषपाल सिंह, जितेन्द्र सिंह आदि किसान मौजूद रहे।