आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़: महराजगंज विकास खंड क्षेत्र के प्रतापपुर गांव निवासी समाजसेवी स्वर्गीय जयप्रकाश मौर्य की तृतीय पुण्यतिथि गुरुवार को उनके पैतृक निवास शान्ति विहार पर मनाई गयी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मैत्रेय शोध संस्थान के प्रबन्ध निदेशक विजय प्रताप ने कहा कि वास्तविक रूप से बुद्ध के विचारों को अंगीकार करने वाले स्वर्गीय जयप्रकाश मौर्य के विचार समाज व देश के लोक कल्याण लिए प्रासंगिक हैं । स्वर्गीय मौर्य राजनैतिक महत्वाकांक्षा से विरक्त जिस प्रकार सरकारी सेवा में रहते हुए भी समाज के दबे-कुचले, असहाय लोगों की सेवा व मानवता की रक्षा के लिए जो कार्य किया वह सदियों तक समाज में जीवित रहेंगे । अशोक सेवा संस्थान के अधिवक्ता मनकू कुशवाहा ने कहा कि स्व० जयप्रकाश जी जीवन पर्यन्त समाज में जातिगत विभेद व सामाजिक रूढ़ियों को समाप्त करने तथा मानवता की रक्षा के लिए पर्यावरण संरक्षण व संवर्द्धन की अलख जगाते रहे । सीमित संसाधनों में ही वह व्यक्तिगत तौर पर जरूरतमंदों की मदद करते रहे और इन सबके पीछे उनका कोई राजनैतिक स्वार्थ रंच मात्र भी नहीं रहा । वह ऐसे महामानव थे जिनके विचारों को समाज के कोने- तक पहुंचाने की जरूरत है । कार्यक्रम को मुख्य रूप से रामधनी मौर्य, श्रीराम यादव, त्रिभुवन मौर्या आदि लोगों ने संबोधित किया तथा उनकी पत्नी किस्मती देवी, छोटे भाई महेंद्र वर्मा, पुत्र रोहताश कुंवर व डा० अविनाश कुंवर, गीता मौर्या, पूनम मौर्या, डा० संध्या, विजय मौर्य, गुलाब, चन्द्रजीत यादव, रामआशीष, उदयराज, इन्द्रजीत प्रधान, रामधनी यादव सहित सैकड़ों लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित किया । कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य जयराम मौर्य ने किया ।