आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आज़मगढ़: अजमतगढ़ विकास खंड के बक्कसनपुर गावँ में कृषि विभाग द्वारा नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर योजना (राष्ट्रीय टिकाऊ खेती अभियान) के तहत मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में आए हुए मृदा वैज्ञानिक डॉ विनोद वर्मा द्वारा किसानों को मृदा सुधार एवं जैविक खेती के बारे में जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण शिविर में कृषि विशेषज्ञों द्वारा जैविक खेती के गुर सिखाए गए। उन्होंने बताया कि- जैविक खेती की विधि रासायनिक खेती की विधि की तुलना में बराबर या अधिक उत्पादन देती है अर्थात जैविक खेती मृदा की उर्वरता एवं कृषकों की उत्पादकता बढ़ाने में पूर्णत: सहायक है। वर्षा आधारित क्षेत्रों में जैविक खेती की विधि और भी अधिक लाभदायक है । जैविक विधि द्वारा खेती करने से उत्पादन की लागत तो कम होती ही है, इसके साथ ही कृषक भाइयों को आय अधिक प्राप्त होती है तथा अंतराष्ट्रीय बाजार की स्पर्धा में जैविक उत्पाद अधिक खरे उतरते हैं। जिसके फलस्वरूप सामान्य उत्पादन की अपेक्षा में कृषक भाई अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आधुनिक समय में निरन्तर बढ़ती हुई जनसंख्या, पर्यावरण प्रदूषण, भूमि की उर्वरा शकि्त का संरक्षण एवं मानव स्वास्थ्य के लिए जैविक खेती की राह अत्यन्त लाभदायक है। मानव जीवन के सर्वांगीण विकास के लिए नितान्त आवश्यक है कि प्राकृतिक संसाधन प्रदूषित न हों, शुद्ध वातावरण रहे एवं पौष्टिक आहार मिलता रहे, इसके लिये हमें जैविक खेती की कृषि पद्धतियाँ को अपनाना होगा जो कि हमारे नैसर्गिक संसाधनों एवं मानवीय पर्यावरण को प्रदूषित किये बगैर समस्त जनमानस को खाद्य सामग्री उपलब्ध करा सकेगी तथा हमें खुशहाल जीने की राह दिखा सकेगी।
वही ओमप्रकाश ने किसानों को वर्मी कम्पोस्ट का महत्व बताते हुए पीएम किसान सम्मान निधि के विषय मे जानकारी देते हुए बताया कि- कुछ टेक्निकल खामियों की वजह से किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का फायदा नहीं मिल पा रहा है। जिसमें कुछ किसानों द्वारा सही डॉक्यूमेंट ना मिलने के कारण गड़बड़ी हुई है तो कुछ टेक्निकल खामियों की वजह से जिसको जल्द ही सुधार कर लिया जाएगा। वही उन्होंने बताया कि यदि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का फायदा आप गलत रूप से ले रहे हैं तो तत्काल उसको बन्द कर दें, आने वाले समय मे यदि जांच पड़ताल हुई तो रिकवरी भी की जाएगी।
दुर्गेश लाल द्वारा विभागीय योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। राजकुमार गौतम ने कृषि में हरी खाद के महत्व के बारे में किसानों को जानकारी दी।
कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से मंगरु चौहान, कैलाश यादव, अमित, बंशू, लग्गन, श्याम लाल यादव आदि किसान मौजूद रहे।