आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
खेत के कुछ भाग पर पारम्परिक खेती से हटकर उत्पादन करें, निश्चित रूप से लाभ होगा: कमिश्नर
युवाओं द्वारा कृषि में नये प्रयोग की ललक सराहनीय, आवश्यक सुविधायें उपलब्ध करायें: डीएम
आज़मगढ़ 10 फरवरी -- मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त एवं जिलाधिकारी राजेश कुमार ने स्थानीय नेहरू हाल में उद्यान विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत पान विकास की दो दिवसीय गोष्ठी, प्रदर्शनी एवं कृषक प्रक्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम का बुधवार को संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। इस अवसर पर दोनों उच्चाधिकारियों परिसर में कृषि विकास से सम्बन्धित विभिन्न विभागों तथा निजी क्षेत्र की संस्थाओं द्वारा स्थापित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त ने कहा कि पान एक भारतीय पौधा है तथा यह औषधीय गुणों से भरपूर है। उन्होंने कहा कि पान हमारी संस्कृति से भी जुड़ा है, इसलिए चलन से बाहर हो रहे पान पत्ते को तम्बाकू, सुपारी, कत्था, चूना आदि के बगैर इसके औषधीय गुणों का लाभ लेने की दृष्टि से चलन में लाने हेतु लोगों को बताया जाय। मण्डलायुक्त द्वारा जनपद में पंजीकृत पान के कृषकों के सम्बन्ध में जानकारी करने पर अवगत कराया गया कि आज़मगढ़ में 50, गाजीपुर में 25 एवं बलिया में 40 रजिस्टर्ड किसान हैं, जो पान की खेती करते हैं। मण्डलायुक्त ने इस सम्बन्ध में उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि आज़मगढ़ में अगले वर्ष तक यह संख्या कम से कम 100 तक करना सुनिश्चित करें।
मण्डलायुक्त श्री पन्त ने उपस्थित कृषकों से कहा कि धान, गेहॅूं जैसी पारम्परिक खेती से थोड़ा बाहर निकलें और खेत का कुछ हिस्सा अन्य पैदावार के लिए उपयोग करें तो निश्चित रूप से और अधिक आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि कुछ नया करने वाला ही उन्नति करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यद्यपि कि नई खेती करना रिस्की होगा, उसकी मार्केटिंग आदि की शुरुआती दिनों में समस्या आ सकती है, परन्तु आय को दोगुना तीनगुना बढ़ाने के लिए यह जोखिम लेना होगा। उन्होंने उपस्थित कृषकों विशेषकर युवा कृषकों का आह्वान किया कि बदलाव का सिद्धान्त अपनायें और अपने जीवन में खुशहाली लायें।
जिलाधिकारी राजेश कुमार ने गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि कृषि से जुड़ा युवावर्ग के कृषकों में नये प्रयोग की ललक एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने निर्देश दिया कि पारम्परिक खेती से हटकर अन्य प्रकार की खेती करने वालों को निरन्तर प्रोत्साहित किया जाये।उन्होंने विकास खण्ड पल्हना के अन्तर्गत एक गाॅंव के युवा कृषक द्वारा जरबेरा की खेती पर तथा कतिपय कृषकों द्वारा मशरूम की खेती करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हर संभव सहायता, आवश्यक परामर्श दिये जाने का निर्देश दिया।
इससे पूर्व मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त तथा जिलाधिकारी राजेश कुमार ने फीता काटर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत् उद्घाटन किया। इस अवसर पर नेहरू हाल के प्रांगण में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र, राजकीय कृषि बीज भण्डार, कृषि रक्षा इकाई, पशुपालन, मण्डी परिषद, मत्स्य पालन, पराग डेयरी, गन्ना विकास आदि विभागों के साथ ही निजी क्षेत्र के जरबेरा पाॅली हाउस, रिवुलिस इरिगेशन इण्डिया आदि द्वारा स्थापित स्टालों पर उनके उत्पादों को देखा तथा आज़मगढ़, गाजीपुर एवं बलिया के आये कई उन्नतिशील कृषकों को प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र देकर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर उप निदेशक उद्यान मनोहर सिंह, जिला उद्यान अधिकारी दिनेश सिंह, मुख्य अधिशासी अधिकारी मत्स्य सुरेश सिंह, महाप्रबन्धक दुग्ध संघ डा. सुरेश सिंह, कृषि विज्ञान केन्द्र के डा. दिनेश कुमार पाण्डेय व डा. कएम सिंह ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन कमला सिंह ने किया।
इससे पूर्व मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त तथा जिलाधिकारी राजेश कुमार ने फीता काटर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत् उद्घाटन किया। इस अवसर पर नेहरू हाल के प्रांगण में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र, राजकीय कृषि बीज भण्डार, कृषि रक्षा इकाई, पशुपालन, मण्डी परिषद, मत्स्य पालन, पराग डेयरी, गन्ना विकास आदि विभागों के साथ ही निजी क्षेत्र के जरबेरा पाॅली हाउस, रिवुलिस इरिगेशन इण्डिया आदि द्वारा स्थापित स्टालों पर उनके उत्पादों को देखा तथा आज़मगढ़, गाजीपुर एवं बलिया के आये कई उन्नतिशील कृषकों को प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र देकर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर उप निदेशक उद्यान मनोहर सिंह, जिला उद्यान अधिकारी दिनेश सिंह, मुख्य अधिशासी अधिकारी मत्स्य सुरेश सिंह, महाप्रबन्धक दुग्ध संघ डा. सुरेश सिंह, कृषि विज्ञान केन्द्र के डा. दिनेश कुमार पाण्डेय व डा. कएम सिंह ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन कमला सिंह ने किया।




