आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़। शहर के पुरानी जेल के सामने स्थित मंदिर परिसर में शनिवार को हरितालिका तीज के अवसर पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से उत्सव मनाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं। इस दौरान मंदिर परिसर में पूरे दिन उत्सवी माहौल बना रहा।
कार्यक्रम में महिलाओं के लिए झूले की व्यवस्था की गई थी। महिलाओं ने झूला झूलने के साथ एक-दूसरे को तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं। वहीं मेहंदी लगाने, चूड़ियां और सिंदूर वितरित करने के साथ महिलाओं ने पारंपरिक गीत-संगीत का भी आनंद लिया। उत्सव के दौरान महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
महिलाओं ने कहा कि हरितालिका तीज भारतीय संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। मान्यता के अनुसार इस दिन माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था। इसी आस्था के साथ महिलाएं पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की मंगलकामना के लिए व्रत और पूजा करती हैं। यह पर्व महिलाओं की आस्था, त्याग और पारिवारिक सुख-समृद्धि की भावना को भी दर्शाता है।
सामूहिक रूप से तीज उत्सव मनाने का सामाजिक महत्व भी है। ऐसे आयोजन महिलाओं को एक-दूसरे से मिलने, अपनी लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को साझा करने तथा नई पीढ़ी तक पर्व की परंपराओं को पहुंचाने का अवसर देते हैं। साथ ही इससे आपसी भाईचारा, सौहार्द और सामाजिक जुड़ाव को बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम में पूनम शर्मा, साधना पांडे, रागिनी पांडे, प्रेमलता श्रीवास्तव, रेनू मौर्य, पिंकी सिंह, आशा सिंह, शालिनी पांडे, सरिता श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। महिलाओं ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के सांस्कृतिक और सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।