रिपोर्ट- वीर सिंह
246 पृष्ठों में 39 शोध पत्र प्रकाशित, दिसंबर 2026 में आएगा अगला अंक
आजमगढ़। निधि शैक्षिक एवं शोध संस्थान तथा शैदा साहित्य मंडल, आजमगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय अर्द्धवार्षिक पियर रिव्यूड शोध जर्नल ‘अखिल गीत शोध दृष्टि’ के संयुक्तांक 25-26 का लोकार्पण समारोह गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव ने की। शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. भक्तवत्सल श्रीवास्तव ने कहा कि ‘अखिल गीत शोध दृष्टि’ आज भारत के 23 राज्यों और विश्व के 6 देशों तक अपनी शोधपरक पहचान बना चुका है। उन्होंने इसे आजमगढ़ के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि जिले से उच्च गुणवत्ता वाले शोध जर्नल का निरंतर प्रकाशन शिक्षा और अकादमिक जगत की बड़ी उपलब्धि है।
जर्नल की संपादक प्रो. गीता सिंह ने बताया कि वर्ष 2010 से प्रकाशित हो रही यह शोध पत्रिका देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों, राज्य विश्वविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों के शोधार्थियों एवं शिक्षकों को शोध प्रकाशन का सशक्त मंच उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि पत्रिका का RNI No. UPBIL 03942/2010, ISSN: 2229-7308, UGC Care No. 41402 तथा DOI पंजीकरण भी उपलब्ध है।
प्रधान संपादक प्रो. अखिलेश चन्द्र ने बताया कि संयुक्तांक 25-26 में कुल 39 विद्वानों के शोध पत्र 246 पृष्ठों में प्रकाशित किए गए हैं। यह शोध जर्नल हिंदी एवं अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में प्रकाशित होता है और इसका अगला अंक दिसंबर 2026 में प्रकाशित किया जाएगा।
वर्तमान संयुक्तांक की अतिथि संपादक डॉ. निधि सिंह ने कहा कि संपादन कार्य के दौरान उन्हें इस शोध पत्रिका की गुणवत्ता, अनुशासन और संपादकीय टीम की मेहनत का निकट से अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि यह जर्नल शोधार्थियों को केवल प्रकाशन का अवसर ही नहीं देता, बल्कि उनके शोध कार्य को बेहतर बनाने के लिए मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराता है।
समारोह में शैदा साहित्य मंडल के महामंत्री राजेश अस्थाना 'अनंत', प्रो. गीता सिंह, प्रो. अखिलेश चन्द्र, अजय कुमार गुप्ता, संजय श्रीवास्तव, अम्बरीश श्रीवास्तव, आदिल भाई (आरजे, एफएम 90.4 हॉफ लेमन रेडियो), वसीम अकरम (ब्यूरो चीफ, सीआईबी इंडिया), प्रदीप, जय हिंद सिंह, शिव कुमार प्रियदर्शी, हरिनाथ, मनोज उपाध्याय, शोधार्थी रमेश यादव, वर्षा उपाध्याय, प्रेमब्रत तथा निष्ठा सिंह सहित अनेक शिक्षाविद, साहित्यकार, शोधार्थी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रधान संपादक प्रो. अखिलेश चन्द्र ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।