आजमगढ़। छात्र हितों और नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर 24 जुलाई को अंबेडकर पार्क में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से पहले भुवर अखाड़ा के संचालक विजय शंकर यादव उर्फ भुवर को पुलिस प्रशासन ने उनके जीयनपुर स्थित आवास पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपने समर्थकों के साथ पुलिस अधिकारियों को जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर छात्रों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने की अपील की।
विजय शंकर यादव ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस का प्रयोग और महिलाओं व बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना से वह बेहद आहत हैं और छात्रों के भविष्य को देखते हुए उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
भुवर अखाड़ा की ओर से सोशल मीडिया पर 24 जुलाई को सुबह 11 बजे अंबेडकर पार्क में छात्र हित में धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाने की घोषणा की गई थी। पोस्ट में बड़ी संख्या में लोगों से शामिल होने की अपील की गई थी। इसके बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया और विजय शंकर यादव को उनके आवास से बाहर निकलने से रोक दिया गया।
हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद विजय शंकर यादव ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में आंदोलन चल रहे हैं और छात्र सरकार से जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी और देर रात से उनके आवास पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया ताकि आंदोलन को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि भुवर अखाड़ा छात्र, नौजवान, किसान और मजदूरों के हक की लड़ाई लगातार लड़ता रहा है और आगे भी संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताते हुए कहा कि छात्रों के मुद्दों को दबाया नहीं जा सकता।
इस दौरान पूर्व चेयरमैन हरिशंकर यादव सहित भुवर अखाड़ा के कई पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे। सभी ने छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस पूरे प्रकरण पर जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। वहीं, हाउस अरेस्ट की कार्रवाई और छात्र आंदोलन को लेकर जिले में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।