आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़: रौंनापार थाना क्षेत्र के पलिया गांव में 29 जून को लड़की के विवाद में पुलिस के साथ देर शाम मारपीट के बाद पुलिस द्वारा गांव में तोड़फोड़ लूट पाट एव महिलाओं के साथ अभद्रता करने का आरोप जो परिवार ने लगाया है।हकीकत जानने के लिए सोमवार को पलिया गांव भारत सरकार के पूर्व डी जी हेल्थ जगदीश प्रसाद एवं सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट महमूद प्रसा ने पीड़ित परिवार से मिलकर पूरा घटनाक्रम लिया और बोले की जिस भी पुलिस के लोगों ने दलित परिवार के साथ इस तरह का कार्य किया है वह पूरी तरह से गैरकानूनी है। यह कहां का न्याय है कि किसी का घर तोड़ दिया जाए और महिलाओं से अभद्रतापूर्ण पव्यवहार किया जाय। परिवार से मिलकर उन्होंने दलितों पर हो रहे उत्पीड़न व कानून की जानकारी देते हुए कहा कि जो लोग दोषी हैं उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया ही जाएगा साथ ही साथ जो लोग दलित परिवार के साथ अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किए हैं धारा 4 एससी एसटी एक्ट के तहत उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा और मुकदमा निशुल्क हम सब मिलकर लड़ेंगे और इस परिवार को न्याय दिलाकर दोषी पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों को सलाखों के पीछे भेजने का काम करेंगे।
