आज़मगढ़।
रिपोर्ट: गौरव सिंह राठौर
आज़मगढ़: आज नवरात्रि का आठवां दिन है, महाअष्टमी के दिन शक्ति के महागौरी रूप की आराधना की जा रही है. देशभर के मंदिरों और पंडालों में सुबह से विशेष पूजा हो रही है. दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों में जुटी है.नवरात्र के सातवें दिन शुक्रवार को मंदिरों में मां कालरात्रि का पूजन किया गया। सुबह व शाम के समय मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। इस दौरान घरों व मंदिरों में भक्तों ने मां कालरात्रि की विधिविधान से पूजा अर्चना की गई। सगड़ी तहसील क्षेत्र के चेन्नाराम मां कालिका मंदिर बाबा पाताल नाथ बाबा चौमुखी नाथ समेत अन्य मंदिरों में सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालु दर्शन व भजन कीर्तन के लिए पहुंचते रहे। मां कालरात्रि भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण करती हैं। आज शनिवार को नवरात्र की अष्टमी पर कन्याओं का पूजन किया गया। साथ ही कन्याओं को भोजन खिलाया गया।मां चन्नाराम कालिका मंदिर के पुजारी रणविजय सिंह ने बताया कि नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की गई। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में सातवां रूप देवी कालरात्रि है। इसलिए नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है। स्याह रात्रि के समान माता का स्वरूप काला है। कालरात्रि माता के बाल खुले हुए हैं और गर्दभ की सवारी करती हैं। यह रूप काफी विकराल और भयानक है, लेकिन बहुत फलदायी है। मां काली को शुभकारी भी कहते हैं। दानव, दैत्य, राक्षस, भूत, प्रेत इनके स्मरण मात्र से ही भयभीत होकर भाग जाते हैं। यह ग्रह बाधाओं को भी दूर करने वाली देवी हैं।
परिवार पर आई विपत्तियों को दूर करती है माता
नवरात्रि में भक्त माता रानी का उपवास रखकर पूजा अर्चना करते हैं। श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था और विश्वास के साथ में मंदिरों में जाकर अपनी आस्था के अनुसार लोग माता को चढ़ावा चढ़ाया और हलवा पूरी सहित मेवा मिष्ठान का भोग लगाया।