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आज मनाया गया विश्व अल्जाइमर दिवस – सीएमओ

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

• अवसाद का समय से इलाज व वृद्धजन की नियमित कराएं जाँच।

• बुजुर्गो को इस बीमारी से बचाकर उनके जीवन में लायें खुशियां।

• 26 सितम्बर तक मनाया जायेगा डिमेंशिया  जागरूकता सप्ताह।

आजमगढ़, 21 सितंबर 2022 : जिले में आज विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया गया | साथ ही 19 से 25 सितम्बर तक राष्ट्रीय डिमेंशिया जागरूकता सप्ताहभी मनाया जा रहा है| जिसके तहत मंडलीय चिकित्सालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह बीमारी बढ़ती हुई उम्र के साथ लोगों में शुरू हो जाती है| जिसमें उनकी याददाश्त कमजोर होने लगती है| ऐसे में उन्हें तुरंत व बाद की भी चीजें याद नहीं रहती हैं| उम्र बढ़ने के साथ ही तमाम तरह की बीमारियां शुरू हो जाती हैं और इन्हीं में से एक प्रमुख बीमारी अल्जाइमर है|  यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आईएन तिवारी का|

डॉ तिवारी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 21 सितम्बर को विश्व अल्जाइमर-डिमेंशिया दिवस मनाया जाता है| इसका उद्देश्य है कि  अल्जाइमर-डिमेंशिया बीमारी की जद में आने से बचाने के लिए इसके प्रति जागरूकता लाना है| जिससे बुजुर्गो को इस बीमारी से बचाकर उनके जीवन में खुशियां लायी जा सकें और उनके जीवन को सुरक्षित किया जा सके| 
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ संजय कुमार ने कहा कि अल्जाइमर रोग भूलने का रोग है, इस बीमारी के लक्षणों की बात करें तो याददाश्त की कमी का होना, निर्णय न ले पाना, बोलने में दिक्कत आना, परिवार के सदस्यों को न पहचानना और छोटे-छोटे कार्यों का न कर पाना| यह रोग धीरे-धीरे लगातार बढ़ने के कारण यह अल्जाइमर (भूलने की आदतों) बीमारी बन जाती है | 
बढ़ती हुई उम्र के साथ व्यक्ति के सोचने और याद करने की क्षमता भी कमजोर हो जाती है| और यह इस बात का संकेत है कि दिमाग की कोशिकाएं कमजोर हो जाती हैं| व्यक्ति के दिमाग में एक अरब कोशिकाएं होती हैं| जो अलग-अलग कार्यों को करती हैं जैसे - सूंघने, मांसपेशियों को चलाने व सुनने और देखने आदि में मदद करती हैं| जब यह न्यूरॉन कमजोर पड़ने लगते हैं, तब अल्जाइमर-डिमेंशिया बीमारी का उदय होता है| 
डॉ संजय कुमार ने कहा कि रोग से बचाव के लिए नियमित व्यायाम करना चाहिए| नई चीजें सीखें, रचनात्मक कार्यों को करें, लोगों से मिलते-जुलते रहें, संतुलित और पौष्टिक भोजन को आहार में शामिल करें| मोटापे से बचें एवं अवसाद का समय से इलाज व वृद्धजन की नियमित जांच अवश्य करायें|

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