डॉ. आर.एस. पटेल बोले- सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों के लिए जारी रहेगा संघर्ष।
"जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता, अधिकार मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा" - विद्यासागर पटेल
सगड़ी (आजमगढ़)। सरदार सेना द्वारा सरदार पटेल एकता रथ के माध्यम से निकाली जा रही न्याय यात्रा सोमवार को सगड़ी क्षेत्र पहुंची, जहां हजारों समर्थकों के साथ भव्य रैली निकाली गई। यात्रा का शुभारंभ जय किसान इंटर कॉलेज, घाघरा लाटघाट से किया गया और विभिन्न गांवों व बाजारों से होते हुए सगड़ी तहसील मुख्यालय पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित मांगपत्र एसडीएम सगड़ी
श्याम प्रताप सिंह को सौंपा गया।
न्याय यात्रा का नेतृत्व सरदार सेना के संस्थापक
डॉ. आर.एस. पटेल ने किया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा, महिलाओं की भागीदारी, रोजगार, शिक्षा और समान अवसरों को सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि समाज के वंचित, पिछड़े और दलित वर्गों को उनका अधिकार दिलाने के लिए सरदार सेना निरंतर संघर्ष करती रहेगी।
डॉ. आर.एस. पटेल ने महिलाओं को उनकी आबादी के आधार पर संसद और विधानसभाओं में 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने, जातीय जनगणना कराने तथा शैक्षणिक संस्थानों में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 को तत्काल लागू करने की मांग उठाई। साथ ही उन्होंने किसानों के हित में शारदा सहायक नहर में पानी छोड़े जाने की भी मांग की।
इस न्याय यात्रा के सफल आयोजन में
विद्यासागर पटेल की भूमिका विशेष रूप से चर्चा में रही। उन्होंने यात्रा की व्यवस्थाओं का नेतृत्व करते हुए बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ने का कार्य किया।
यात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी तथा जनता की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाई जाएगी।
परमानंद पटेल ने कहा कि न्याय यात्रा केवल एक रैली नहीं बल्कि समाज के वंचित, पिछड़े, किसान, युवा और महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई का अभियान है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज के हर वर्ग को समान अवसर और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक सरदार सेना का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से सामाजिक एकता और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
विजय पटेल ने कहा कि देश और प्रदेश में सामाजिक न्याय को मजबूत करने के लिए जनजागरण आवश्यक है। सरदार सेना गांव-गांव जाकर लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक कर रही है। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना, किसानों की समस्याओं और शिक्षा में समान अवसर जैसे मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
सत्येंद्र पटेल ने कहा कि न्याय यात्रा को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है, जो यह साबित करता है कि लोग अपने अधिकारों और सम्मान के लिए आवाज उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीति में उचित भागीदारी, युवाओं को रोजगार और किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। सरदार सेना इन मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।
यात्रा में हजारों की संख्या में बाइक और चार पहिया वाहनों का काफिला शामिल रहा। रैली लाटघाट बाजार, जमसर, रजादेपुर, जीयनपुर सहित विभिन्न मार्गों से होकर सगड़ी तहसील पहुंची।
जहां सरदार सेना के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर विद्यासागर पटेल, सत्येंद्र सिंह पटेल, परमानंद पटेल, विजय सिंह पटेल, संदीप पटेल, भोला पटेल, जगदीश पटेल, रवि पटेल, लल्लन पटेल, जगन्नाथ पटेल, शिवकुमार यादव, सतीश पटेल, सुनील पटेल, हरिनारायण यादव, नागेंद्र पटेल, अरुण पटेल, प्रधान राजेश यादव, हरेन्द्र यादव, साधु पटेल, कमलेश गोंड़, रामश्रय यादव सहित हजारों लोग उपस्थित रहे।