आजमगढ़, 18 जून। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) को व्यापक जनसहभागिता के साथ सफल बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को सिधारी स्थित हनुमान मंदिर, मंडलीय विकास भवन परिसर में बृहद योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन संरक्षक योग गुरु देव विजय यादव के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
शिविर का आयोजन श्री रामतीर्थ यादव के विशेष प्रयासों से किया गया, जिसमें योग प्रशिक्षक नरेंद्र सिंह ने आयुष मंत्रालय के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार प्रतिभागियों को योगाभ्यास कराया। इस दौरान ताड़ासन, चक्रासन, शलभासन, वक्रासन, वज्रासन, मंडूकासन एवं त्रिकोणासन सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया गया। साथ ही प्राणायाम, ध्यान और योग के वैज्ञानिक महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
योग प्रशिक्षक नरेंद्र सिंह ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, तनाव मुक्ति और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। नियमित योगाभ्यास से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और कमर दर्द जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचाव संभव है। उन्होंने स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
आयोजक रामतीर्थ यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल पर शुरू हुआ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आज वैश्विक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने इस वर्ष की थीम "एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग" को सार्थक बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया तथा 21 जून को आयोजित मुख्य कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।
शिविर में रामजीत यादव, अवधराज पाल, रवि प्रकाश यादव, जय श्री यादव, अभिषेक, प्रदीप सिंह, बबलू यादव, रमेश यादव, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, शिवराम मौर्य, प्रदीप यादव, डॉ. पी.के. सरकार, अरविंद राय, योगेंद्र यादव, अजीत यादव और पप्पू यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा एवं वरिष्ठ योग साधक उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने योग को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।