Breaking News

सेवा और सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देने का संकल्प, राजेश शुक्ला ने जताया आभार


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: अंजनी राय

लालगंज, आजमगढ़। भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा द्वारा राजेश शुक्ला को प्रदेश महामंत्री का दायित्व सौंपे जाने पर उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, वरिष्ठजनों एवं समाज के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से मिली जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

राजेश शुक्ला ने कहा कि कोई भी पद केवल प्रतिष्ठा का प्रतीक नहीं होता, बल्कि उसके साथ त्याग, समर्पण, समय और जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। समाज को एकजुट करना चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन आपसी सहयोग, समर्पण, लगन और लोगों को साथ लेकर चलने की भावना से इसे प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक संगठन की सफलता केवल पदाधिकारियों की संख्या से नहीं, बल्कि समाज के प्रति उसके सेवा-भाव और जिम्मेदारियों के निर्वहन से तय होती है। संगठन के माध्यम से जरूरतमंद और गरीब परिवारों की सहायता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने शिक्षा से वंचित बच्चों की मदद, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग, आर्थिक अभाव के कारण इलाज से वंचित लोगों की सहायता तथा अन्याय और कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे लोगों के साथ खड़े होने को सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

राजेश शुक्ला ने कहा कि किसी भी जातीय संगठन का उद्देश्य समाज को संगठित और मजबूत करना होना चाहिए, न कि किसी अन्य समाज के प्रति वैमनस्य या कटुता पैदा करना। सामाजिक सद्भाव, सेवा और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना ही संगठन की वास्तविक शक्ति है।

उन्होंने ‘सेवा ही परमो धर्मः’ को अपने कार्य का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि सभी लोग पहले मानव हैं और ईश्वर की संतान हैं। इसी मानवीय भावना के साथ समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक कार्य किया जा सकता है।

राजेश शुक्ला ने कहा कि सामाजिक सरोकारों के प्रति उनका जुड़ाव पहले से रहा है और नई जिम्मेदारी मिलने के बाद भी वह समाज के सहयोग से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का प्रयास करेंगे।

अंत में उन्होंने समाज के लोगों और संगठन के सहयोगियों से समाज को जोड़ने, जरूरतमंदों का सहारा बनने, शिक्षा एवं सेवा को बढ़ावा देने तथा संगठित और संस्कारित समाज के निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया।

और नया पुराने