मंदिर से चोरी हुए 20 पीतल के घंटे, एक लाख रुपये और दो चार पहिया वाहन बरामद; एसएसपी ने पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
आजमगढ़। जिले में मंदिर से पीतल के घंटे चोरी करने की घटनाओं का खुलासा करने और करीब 16 वर्षों से फरार ₹25 हजार के इनामी अभियुक्त को गिरफ्तार करने में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। गुरुवार को पुलिस कार्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने संबंधित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके कार्य की सराहना की। मंदिर चोरी के मामले में पुलिस ने 20 पीतल के घंटे, एक लाख रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल किए गए दो चार पहिया वाहन बरामद किए थे।
पौहारी बाबा मंदिर से दो बार चोरी हुए थे घंटे
पुलिस के अनुसार, मेहनगर थाना क्षेत्र स्थित पौहारी बाबा मंदिर में 29 सितंबर 2026 की रात 11 पीतल के घंटे चोरी हुए थे। इसके बाद एक अक्टूबर की रात फिर नौ घंटे चोरी कर लिए गए। दोनों घटनाओं में कुल 20 पीतल के घंटे चोरी हुए थे। इस संबंध में थाना मेहनगर में मुकदमा संख्या 340/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(डी) में मामला दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान पुलिस को चोरी के घंटों को बेचने की योजना और चोरी का माल खरीदने वाले व्यक्ति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जांच में गाजीपुर जिले के सैदपुर थाना क्षेत्र में सात अगस्त 2026 को मंदिर से चार पीतल के घंटे चोरी होने की घटना का भी पता चला। इस मामले में सैदपुर थाने में मुकदमा संख्या 281/2026 दर्ज होने की पुष्टि हुई।
दो वाहनों से चोरी का माल स्थानांतरित करने की सूचना पर कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, तीन और चार अक्टूबर की मध्यरात्रि में मेहनगर और तरवां थाने की संयुक्त टीम खरिहानी-चिरैयाकोट मार्ग पर विशुनपुरा मोड़ के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि दो चार पहिया वाहनों में चोरी के पीतल के घंटे रखकर कुछ लोग एक वाहन से दूसरे वाहन में माल स्थानांतरित कर रहे हैं।
सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों वाहनों की घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार, वहां मौजूद लोगों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। आरोपितों के कब्जे और निशानदेही पर चोरी के 20 पीतल के घंटे, एक लाख रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल किए गए दो चार पहिया वाहन बरामद किए गए।
पुराने मामलों में वांछित इनामी अभियुक्त गिरफ्तार
दूसरे मामले में तरवां थाना पुलिस ने वर्ष 2009 में दर्ज दो मुकदमों में वांछित मोनू मिश्रा उर्फ बृजेश मिश्रा को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, 16 मार्च 2009 को एक युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में मुकदमा संख्या 160/2009 दर्ज किया गया था। इसके बाद 30 मार्च 2009 को दूसरी युवती से संबंधित मामले में मुकदमा संख्या 216/2009 दर्ज हुआ। इन मामलों में मोनू मिश्रा का नाम सामने आया था। उसके विरुद्ध वर्ष 2010 में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, अभियुक्त वर्ष 2010 से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 27 नवंबर 2022 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ की ओर से ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया था। तरवां पुलिस ने 23 सितंबर 2026 को सूचना के आधार पर उसे ग्राम डुभाव के पास नवरसिया पुलिया से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके कब्जे से .315 बोर का देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद करने की जानकारी दी।
दस पुलिसकर्मियों को मिला प्रशस्ति पत्र
दोनों मामलों में कार्रवाई और गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले दस पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 15 अक्टूबर 2026 को पुलिस कार्यालय में सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में थाना प्रभारी तरवां उपनिरीक्षक राजीव कुमार सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक कृष्णा मिश्रा, उपनिरीक्षक अक्षय प्रताप सिंह, सूरज तिवारी और अतुल मिश्रा तथा आरक्षी विपिन यादव, रतनेश, आशुतोष, शहबाज और कमलेश कुमार यादव शामिल हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने पुलिसकर्मियों के कार्य की सराहना करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किए और उनका उत्साहवर्धन किया।