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आजमगढ़: महिलाओं से आभूषण ठगने वाले गिरोह का सदस्य मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

सरकारी योजनाओं और आवास का लाभ दिलाने का झांसा देकर महिलाओं को बनाते थे निशाना, बहन पहले हो चुकी है गिरफ्तार; आरोपी पर आजमगढ़ व गाजीपुर में दर्ज हैं नौ पुराने मुकदमे

कप्तानगंज (आजमगढ़)। सरकारी योजनाओं और आवास योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर महिलाओं से आभूषण व नकदी ठगने वाले गिरोह के एक सदस्य को कप्तानगंज पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में घुटने के नीचे गोली लगी। घायल आरोपी को पहले सीएचसी कोयलसा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल आजमगढ़ रेफर कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान साहब राम (43) पुत्र स्वर्गीय मुसाफिर, निवासी बेला कलेशपुर उर्फ किशुनपुर, थाना मेहनाजपुर, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। उसके कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, ठगी के आभूषण, 1,350 रुपये नकद, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

पुलिस को देखकर भागने लगा आरोपी, की फायरिंग

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार पुलिस टीम के साथ 11 और 12 अक्टूबर की मध्यरात्रि में पासीपुर नहर पुलिया के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि महिलाओं से आभूषण ठगने की घटनाओं में शामिल साहब राम मोटरसाइकिल से गोपालगंज की ओर से आने वाला है।

पुलिस ने घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की। कुछ देर बाद मोटरसाइकिल से आ रहे संदिग्ध को रुकने का इशारा किया गया तो उसने भागने का प्रयास करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे रात करीब 1:30 बजे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया।

मौके से .315 बोर का एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ। मुठभेड़ और अवैध असलहे के मामले में थाना कप्तानगंज में मुकदमा संख्या 312/2026 दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

कप्तानगंज और कौड़िया बाजार में महिलाओं से की थी ठगी

पुलिस के मुताबिक, एक अक्टूबर को कप्तानगंज बाजार और पांच अक्टूबर को कौड़िया बाजार में महिलाओं को सरकारी योजनाओं तथा आवास योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके आभूषण और नकदी ठगने की घटनाएं हुई थीं। इन मामलों में थाना कप्तानगंज में मुकदमा संख्या 310/2026 और 311/2026 दर्ज किए गए थे। विवेचना के दौरान सामने आई महिला आरोपी नीरज उर्फ गुड्डी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

बहन के साथ मिलकर वारदात करने का आरोप

पुलिस की पूछताछ के अनुसार, साहब राम ने बताया कि वह अपनी बहन नीरज उर्फ गुड्डी के साथ मिलकर महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देता था। आरोपी कभी बाजार में महिलाओं को अपने जाल में फंसाते थे तो कभी उनके घर पहुंचकर खुद को रिश्तेदार बताकर विश्वास हासिल करते थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि ठगी से मिले कुछ आभूषण उसने एक अज्ञात फेरी वाले को सात हजार रुपये में बेच दिए थे। बरामद 1,350 रुपये उसने आभूषण बेचकर मिली रकम बताई। बरामद एक जोड़ी पीली धातु के कान के टॉप्स और मोती की माला सहित लॉकेट को भी संबंधित घटनाओं से जुड़ा बताया गया है।

आरोपी ने यह भी बताया कि वह वारदात के दौरान अपने पास तमंचा रखता था और विरोध होने पर लोगों को धमकाकर भाग निकलता था। पुलिस बरामद सामान और आरोपी के अन्य आपराधिक कृत्यों के संबंध में जांच कर रही है।

आजमगढ़ और गाजीपुर में नौ मुकदमे दर्ज

पुलिस के मुताबिक, साहब राम के खिलाफ आजमगढ़ और गाजीपुर जनपद में पहले से नौ मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, ठगी, मारपीट, धमकी और आबकारी अधिनियम से संबंधित मामले शामिल हैं। इनमें से कई मुकदमे वर्ष 2025 में आजमगढ़ के देवगांव, कोतवाली और रानी की सराय थानों में दर्ज किए गए थे।

इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक गंगाराम बिन्द, उपनिरीक्षक प्रिंस मिश्रा, ओम प्रकाश दुबे समेत थाना कप्तानगंज की पुलिस टीम शामिल रही।

पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।

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