नाली निर्माण और वाटर एटीएम का निरीक्षण, संबंधित अभिलेख व फाइलें उपलब्ध कराने के निर्देश
जीयनपुर/आजमगढ़। सगड़ी तहसील क्षेत्र की जीयनपुर नगर पंचायत में बुधवार शाम लोकायुक्त से संबंधित जांच टीम के पहुंचने से प्रशासनिक हलचल बढ़ गई। टीम ने शिकायत में उठाए गए करीब 12 बिंदुओं को लेकर मौके पर स्थलीय सत्यापन किया। इस दौरान नाली निर्माण कार्य और वाटर एटीएम का निरीक्षण किया गया। नगर पंचायत प्रशासन से संबंधित अभिलेख, फाइलें और कार्यों से जुड़े साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
जानकारी के अनुसार, अजमतगढ़ के सभासद प्रतिनिधि सोहराब आलम और जीयनपुर नगर पंचायत के निलंबित कर्मचारी हरिकेश यादव की ओर से लोकायुक्त के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में नगर पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों, नियुक्तियों और भुगतान से संबंधित कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए 12 बिंदुओं पर जांच की मांग की गई थी।
शिकायत के आधार पर गठित जांच दल में मुख्य कोषाधिकारी अरुण कुमार श्रीवास्तव और न्यायिक एसडीएम भूपाल सिंह शामिल रहे। टीम ने मौके पर पहुंचकर शिकायत से जुड़े कार्यों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। नाली निर्माण तथा वाटर एटीएम के संबंध में मौके पर उपलब्ध स्थिति का सत्यापन किया गया।शिकायतकर्ताओं की ओर से वर्ष 2011-12 से अब तक शासकीय सामग्री की कथित अवैध बिक्री और गबन, वर्ष 2016-17 से सरकारी डीजल के कथित दुरुपयोग तथा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से निजी कार्य कराए जाने और वेतन भुगतान में कथित अनियमितता जैसे आरोप लगाए गए हैं।
इसके अलावा सेवानिवृत्त लाइनमैन बहादुर और सेवानिवृत्त लिपिक एकलाख अहमद से जुड़े कार्यों, कथित नियुक्ति संबंधी अनियमितताओं, लाइसेंस और मानचित्रों पर कथित फर्जी हस्ताक्षर, नाली निर्माण व वाटर एटीएम में मानकों के पालन तथा वर्ष 2017-18 से अब तक कराए गए मरम्मत कार्यों में कथित फर्जी भुगतान की भी जांच की मांग की गई है।
जांच टीम ने अधिशासी अधिकारी जीयनपुर संजय जायसवाल से शिकायत में शामिल सभी बिंदुओं से संबंधित अभिलेख और फाइलें उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही संबंधित कार्यों के दस्तावेजी साक्ष्य भी मांगे गए हैं।
मुख्य कोषाधिकारी एवं जांच अधिकारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिकायत में उल्लिखित बिंदुओं का स्थलीय सत्यापन और उपलब्ध अभिलेखों की जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट लोकायुक्त को भेजी जाएगी।
नोट: शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने तक नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।