आजमगढ़। थाना कोतवाली परिसर स्थित परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई-किरण में रविवार को आयोजित बैठक में पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए दोनों पक्षों की काउंसलिंग की गई। परामर्श और मध्यस्थता के प्रयासों के बाद एक मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक यातायात/नोडल अधिकारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के पर्यवेक्षण में आयोजित बैठक में कुल 10 पत्रावलियों में दोनों पक्षों को नोटिस एवं दूरभाष के माध्यम से सूचना देकर मध्यस्थता के लिए बुलाया गया था। इनमें 8 मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए।
परिवार परामर्श प्रकोष्ठ की टीम ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद समझाने-बुझाने और आपसी संवाद के माध्यम से विवाद का समाधान कराने का प्रयास किया। इसके परिणामस्वरूप एक प्रकरण में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया। इस मामले में आवेदिका ने ससुराल पक्ष पर मारपीट और बार-बार प्रताड़ित किए जाने के आरोप लगाए थे।
बैठक के दौरान दो पत्रावलियां अन्य कारणों से बंद की गईं, जबकि शेष मामलों में अग्रिम तिथि निर्धारित करते हुए दोनों पक्षों को आगामी सुनवाई के लिए नोटिस एवं दूरभाष के माध्यम से सूचित किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, नई-किरण प्रोजेक्ट का उद्देश्य पारिवारिक विवादों को आपसी संवाद, परामर्श और मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाना तथा बिखरते परिवारों को पुनः जोड़ने में सहयोग करना है। इस पहल से पारिवारिक विवादों के समाधान के साथ पारिवारिक न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।
बैठक में परिवार परामर्श प्रकोष्ठ की टीम में काउंसलर डॉ. उमेशचन्द्र पाण्डेय, उपनिरीक्षक महेन्द्र प्रसाद तिवारी, उपनिरीक्षक सत्यनारायण यादव, आरक्षी जितेन्द्र कुमार साह और आरक्षी सुनील कुमार गुप्ता शामिल रहे।
कुल समझौते: 01