मऊ।
रतनपुरा।
कहा जाता है कि किसी भी संगठन, समुदाय, या समाज को समुचित विकास के सीढ़ी का पहला स्थान प्राप्त करने के लिए सभी को अनुशासित रूप से अपने अपने कर्म को करना आवश्यक होता है ।किंतु स्थानीय सी एच सी रतनपुरा मे जानकारी मिली है कि उपचारिका प्रेम कुमारी जो बहुत दिन से यही कार्यरत थी उनका स्थानांतरण नवम्बर 2016 मे फतेहपुर मडराव के सी एच सी पर विभागीय उच्च अधिकारीगण के द्वारा कर दिया गया ।और उपचारिका कुसुम चौहान को रतनपुरा के लिए भेजा गया जो समयानुसार आकर सी एच सी रतनपुरा मे आकार अपने कार्य करने लगी किन्तु पूर्व उपचारिका प्रेम कुमारी जो अब तक यही रह रही है । एक कर्मचारी के मुताबिक पता चला कि उपचारिका प्रेम कुमारी उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर भी किया करती है । इसके बारे मे रतनपुरा के सी एच सी अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने बहुत ही आसानी से जबाब दिया कि पूर्व उपचारिका को रिलीव कर दिया गया है किन्तु जब कार्यालय साफ-सफाई के लिए खुलता है या जब कोई नही रहता है तो हस्ताक्षर बना दिया करती है । जिसकी सूचना उच्च अधिकारियो को दिया गया है ।वही वर्तमान उपचारिका कुसुम चौहान ने बताया कि हालात यह है कि मेरे ड्यूटी मे भी बाधा डाला जाता है क्योंकि पूर्व उपचारिका आने वाली महिला रोगीयो को लेकर अपने कमरे मे ही जा कर उपचार एवं सुझाव दिया करती है जो अनुचित है और स्थानांतरण के बाद से अब तक कोई कार्यवाही न होना तथा स्थानीय सी एच सी रतनपुरा पर रहकर स्थानांतरित सी एच सी फतेहपुर मडराव के उपचारिका के जगह को खाली छोडे रहना एक गैरकानूनी कार्य के साथ साथ उच्च स्तरीय अधिकारीगण के उपर भी सवाल खड़ा कर दिया है ।जिसके बारे मे जनसूचना का अधिकार 2005 के तहत जबाब हेतु पत्राचार किया गया है।
अब आप लोग खुद सोच समझ सकते है कि यहा पर आम लोगो के साथ कितना अनुशासित तरिके के साथ मृदुभाषी रूप मे रोगग्रस्त लोगो के साथ कर्मचारी लोग व्यवहार करते होगे जो भी हो यहा शासन के आदेश को खिलवाड़ समझने की झलक दिखाई दे रही है ।
रिपोर्ट '-ए के यादव
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समाचार इंडिया लाइव
ब्यूरो मऊ