झाँसी मऊरानीपुर पूरे प्रदेश में भले ही समाज सुधार के लिए सामाजिक संगठनों द्वारा नशा मुक्ति अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही कई समाज के लोगों द्वारा महापंचायत करके शराब ना पीने की शपथ भी लोगों को दिलायी जा रही है। तो वहीं दूसरी ओर आबकारी विभाग के अधिकारियों की शह पर पूरे जिले भर की प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर अवैध कच्ची शराब की बिक्री हो रही है। इसकी वजह है कि आबकारी निरीक्षक की मऊरानीपुर में तैनाती होने के बाद भी वह अपना निवास झांसी में बनाए हुए हैं। और ऐसा भी नहीं है कि नगर व क्षेत्र में बिक रही अवैध कच्ची शराब की जानकारी स्थानीय आबकारी निरीक्षक को होने के बाद भी इन अवैध शराब की बिक्री करने वालों के खिलाफ एक-दो मामले दर्ज कर कागजी खानापूर्ति करके विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष अपने द्वारा की गई कार्रवाई की वाहवाही लूट लेते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों का तो यह आलम है की परचून की दुकानों पर भी अवैध कच्ची शराब बेची जा रही है। साथ ही पूरे जिले की सरकारी शराब की दुकानों का खुलने या बंद करने का समय भी शासन द्वारा निर्धारित किया गया है। की दोपहर 12:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक खोली जाए। लेकिन फिर भी सुबह 8:00 बजे से लेकर देर रात्रि तक शराब की सरकारी दुकानों के आसपास बिक्री हो रही है। इसकी जानकारी भी स्थानीय आबकारी निरीक्षक को है। लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे हालातों में लोग शराब के नशे से कैसे मुक्त हो सकते हैं। यहां एक उल्लेख करना प्रासंगिक होगा कि नगर व ग्रामीण क्षेत्र में बिना रोक टोक के इस कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का माहौल खराब होता जा रहा है। और वही दूसरी और युवा पीढ़ी नशे की लत की आदी होती जा रही है। नगर वासियों ने 1 हस्ताक्षर युक्त आबकारी मंत्री एवं प्रदेश आबकारी आयुक्त को भेजकर इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाए जाने व दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
रिपोर्ट: अखिलेश राज