झाँसी मऊरानीपुर करवा चौथ का पर्व महिलाओं ने बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु की कामना के लिए सूर्य उदय से रात चांद देखने तक निर्जला व्रत रखा।
भारतीय धर्म शास्त्रों में सुहागिनों द्वारा मनाए जाने वाला यह करवा चौथ का त्यौहार सबसे खास है यह पर्व केवल महिलाओं के त्याग समर्पण और प्रेम की अभिव्यक्ति भी करता है अपितु पुरुषों के प्रति उनके द्वारा दिए जाने वाला सम्मान का घोतक भी है संपूर्ण भारत में हिंदू महिलाओं द्वारा अपने पतियों की लंबी उम्र की कामना के लिए सूर्योदय से देर रात चांद दिखने तक निर्जला व्रत रखा इस मौके पर नवविवाहिता को उनके मायके वालों द्वारा सारंगी तथा सास द्वारा अपनी बहुओं को करवा चौथ पर दिए जाने वाला वह मूल बहार दीया करवा चौथ पर पूरे दिन से देर रात तक रही निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं ने चांद का पूजन अर्चन करने पश्चात अपने पतियों को तिलक लगाकर आरती की तथा उनकी लंबी उम्र के लिए भगवान शंकर पार्वती कार्तिकेय से प्रार्थना की इसके पश्चात पत्नियों ने छलनी से चांद के दर्शन किए पतियों द्वारा उन्हें जल का अर्ध देकर उनका निर्जला ब्रत समाप्त करवाया।
रिपोर्ट: अखिलेश राज