झाँसी मऊरानीपुर मऊरानीपुर का अंतर्राज्यीय बस स्टैंड पिछले कई वर्षो से अतिक्रमण की मार झेल रहा है। नगर पालिका परिषद मऊरानीपुर बस स्टैंड से पूरे दिन झांसी,दतिया,ग्वालियर,खजुराहो, छतरपुर,राठ, एरच, गरौठा, टीकमगढ़ सहित आदि स्थानों के लिए बसों का आवागमन बना रहता है। जिसकी वजह से यात्रियों की भारी चहल-पहल बनी रहती है। मगर बस स्टैंड पर पिछले कई वर्षों से हाथ ठेला बालो ने अपना कब्जा जमा रखा है। और इनकी वजह से बाहर से आने वाले यात्रि बसों के लिए खड़ा होने का स्थान शेष नहीं बचता है।
दर्जनों चाट,मूंगफली, फलों आदि के हाथ ठेले बस स्टैंड परिसर में सुबह से लेकर शाम तक मौजूद रहते हैं। जिनकी वजह से यात्री बस में न तो स्टैंड के अंदर घुस पाती और वहां से निकलने में भी बस चालकों को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ता है। तथा यात्रियों को भी बसों पर चढ़ने उतरने में भारी परेशानी होती है यात्री बसों के स्टैंड पर आने जाने के दौरान कभी यदि ठेलों में मामूली सा धक्का लग जाता है तो हाथ ठेला वाले लड़ने झगड़ने एवं मारपीट करने पर आमादा हो जाते हैं। बस स्टैंड पर स्थित प्राइवेट बस कर्मचारी यूनियन के कर्मचारी भी जब इन हाथ ठेला वालों से एक तरह खड़ा होने की बात करते हैं तो बे उनसे भी विवाद करने से बाज नहीं आते हैं। मजे की बात तो यह है कि यात्री बसे नगर पालिका पैसा को रोजाना नियमित रूप से टैक्स का भुगतान करती है। जबकि हाथ ठेला वाले नगरपालिका को कुछ भी नहीं देते हैं। फिर भी वे बस स्टैंड पर जबरन काबिज बने हुए हैं। जब भी बस स्टैंड से अतिक्रमण हटाया जाता है तो उसकी गाज वहां से दुकानदारों पर भी गिरती है। और हाथ ठेला वाले साफ बच कर निकल भागते हैं। अतिक्रमण ब कब्जा हटाए जाने की दृष्टि से कई बार नगर वासियों एवं प्राइवेट बस कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने उप जिलाधिकारी व अध्यक्ष नगर पालिका से मांग की। मगर उसका नतीजा आज तक कुछ नहीं निकला। फिलहाल बस स्टैंड के अंदर लगे हाथ ठेले यात्री बसो व यात्रियों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बने हुए हैं। जिसका निदान होना आवश्यक नजर आ रहा है।
रिपोर्ट- अखिलेश राज