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राज्यपाल उत्तराखंड के सान्निध्य में यमुना की दिव्य आरती का ताजमहल हुआ साक्षी।

आगरा

आगरा।बढ़ते प्रदूषण के कारण यमुना नदी और ताजमहल दोनों पर संकट के बादल छाये हुये है ,-
स्वामी चिदानन्द सरस्वती परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती  महाराज एवं महामहिम राज्यपाल उत्तराखंड बेबी रानी मौर्य के पावन सान्निध्य में आज आगरा ताजमहल के पास दशहरा मैदान में माँ यमुना मैया की दिव्य और भव्य आरती का शुभारम्भ हुआ।
आगरा में माँ यमुना की स्थिति देखकर चिंतित होते हुये स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि नदियां तो देश की समृृद्धि का प्रतीक होती है और मन को शान्ति, शीतलता प्रदान करती है। बढ़ते प्रदूषण और गिरते गंदे नालों के कारण आज ये जीवनदायिनी नदियां रोगादायिनी बनती जा रही है। उन्होने कहा कि नदियों को जीवंत और अविरल बनायें रखने के लिये आस्था के साथ जागरूकता का होना नितांत आवश्यक है। स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने नदियों को जीवंत बनायें रखने के लिये एक नवोदित प्रयोग किया उन्होने देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी नदियों के तटों पर आरती का क्रम आरम्भ कर वहां से नदियों, पर्यावरण संरक्षण, ग्लोबल वार्मिग, जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक विषयों का संदेश प्रसारित करने का क्रम आरम्भ किया। उन्होने सन 1997 में परमार्थ गंगा तट पर आरती का शुभारम्भ किया आज वह आरती विश्व विख्यात हो चुकी है। साथ ही समय-समय पर गंगा आरती में विश्व स्तर के वैज्ञानिक, संत, पर्यावरणविद्, जल राजदूत, अनेक देशों के राष्ट्रपति, राज्यपाल, राजदूत, फिल्मी हस्तियां, संगीतज्ञ और अनेक क्षेत्रों में कार्य करने वाले शिखरस्थ विभूतियां सहभाग करती है जिन्हें इस मंच से पर्यावरण के लिये कार्य करने का संकल्प कराया जाता है और उनके द्वारा भी आम लोगो को जागरूकता का संदेश प्रसारित किया जाता है इस प्रकार गंगा आरती आस्था के साथ जागरूकता की संदेश वाहक बन गयी है।
स्वामी ने सन 1997में परमार्थ गंगा तट पर आरती का क्रम आरम्भ किया तत्पश्चात 1998 में गंगोत्री, सन 1999 में वाराणसी जिसे अतुल्य भारत में स्थान प्राप्त है और आज वाराणसी ही नहीं पूरे भारत की शान है। वर्ष 2000 में प्रयागराज में संगम आरती का क्रम आरम्भ किया। साथ ही रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी सहित भारत के नदियों के तटों पर अनेक शहरों में आरती का क्रम आरम्भ किया। उन्होने अमेरिका, यूरोप के अनेक देशों में, जमर्नी, माॅरीशस और विश्व के अन्य देशों में भी स्वामी जी के पावन सान्निध्य में नदियों के तट पर आरती की गयी जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभाग किया और दिव्य संदेश को आत्मसात किया। स्वामी  का विचार है कि आरती के माध्यम से जन जागरण होगा जिससे घटते जल की जो समस्यायें उत्पन्न हो रही है उसे काफी हद तक कम कर सकते है।
अभिनव मौर्य राज्यपाल महोदय यमुना आरती महंत जुगल श्रोत्रिय आदि इस दौरान मौजूद रहे।

 संवाददाता--अनिल गुप्ता आगरा

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