आज़मगढ़।
सगड़ी। स्थानीय तहसील क्षेत्र के श्री गांधी पीजी कॉलेज मालटारी आजमगढ़ के शिक्षा संकाय में आर्ट अड्डा कार्यक्रम का समूह कला संस्थान एवं निधि शैक्षिक शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में "आर्ट अड्डा" कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिसमें महाविद्यालय के सैकड़ों छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया, यह कार्यक्रम 18 एवं 19 सितंबर को चलेगा।
वर्तमान में युवा विद्यार्थियों में रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आर्ट अड्डा शीर्षक से एक कार्यक्रम की परिकल्पना की गई है, जो श्री गांधी पीजी कॉलेज मालटारी में शिक्षा संकाय के माध्यम से समूहन कला संस्थान द्वारा निधि शैक्षिक एवं शोध संस्थान के सहयोग से महाविद्यालय में 18 एवं 19 सितंबर 2019 को आयोजित की गई।
प्रथम दिवस के शुभारंभ के अवसर पर कालेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ० प्रेमचंद यादव, डॉ अब्दुल रशीद कार्यक्रम समन्वयक, शिक्षा संकाय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अखिलेश चन्द्र, समूहन कला संस्थान निदेशक राजकुमार साह, डॉ हसीन खान डॉ० जगदीश कुमार, डॉ शैलेंद्र पाठक, डॉ अखिलेश तिवारी, शैलेश सिंह, नीतीश जायसवाल, डॉ० शुभ्रा सिंह, चंदन कुमार, सत्यम चौबे छात्रसंघ अध्यक्ष, पूर्व महामंत्री प्रवीण कुमार, सूरज कुमार महामंत्री छात्र संघ, महावीर सिंह, प्रो बालचंद प्रसाद, अरुण यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन करके किया।
इस अवसर पर कालेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ० प्रेमचंद यादव ने अपना आशीष देते हुए कहा कि-
इस आयोजन से छात्र-छात्राएं अपने किसी भी प्रतिभा, कहानी, कविता,, पाठ, कला, गायन, अभिनय या अपनी किसी भी विद्या को अभिव्यक्त कर उसे निकाल सकते हैं, और देश दुनिया में अपना नाम रोशन कर सकते हैं। आवश्यकता बस लगन और साहस की है, मेरी शुभकामनाएं आप सभी के साथ हैं कि आप सफल होवे।
आयोजन के मुख्य पर्यवेक्षक और समूहन कला संस्थान के निदेशक राजकुमार शाह ने कहा कि- लंबे समय से विद्वानों ने वैचारिक मंथन से सुनिश्चित किया है कि- संस्कृति ही व्यक्तित्व निर्माण एवं व्यवहार संचालन का बहूआयामी ढांचा है, जिसमें ज्ञानार्जन व्यवहार रूपायन अनुशासन के साथ संस्कृति मूल्यों की सुरक्षा एवं आत्मिक करण समाहित है। आज सभी शिक्षण संस्थानों में युवाओं के प्रति भाव के परिमार्जन के लिए एक ऐसे मंच की आवश्यकता है, जिस पर वह अपनी प्रतिभा को अभिव्यक्त कर अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकें। आर्ट अड्डा के माध्यम से यह कार्य बखूबी हो रहा है, और समूहन कला संस्थान इसके लिए उत्तरोत्तर अवसर प्रदान करने के लिए कार्य कर रही है आर्ट अड्डा के इस आयोजन में सैकड़ों से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, उनका उत्साह वर्धन करते हुए एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अखिलेश चंद ने कहा कि- इस तरह के कार्य शालाओं के माध्यम से हम युवाओं में उनकी प्रतिभा को न सिर्फ प्रोत्साहित परिमार्जित और अवसर उपलब्ध कराएंगे, बल्कि हम कला और संस्कृति शिक्षा को अपने जीवन में पर्याप्त स्थान देकर अपनी कला संस्कृति को समाज में प्रतिष्ठित भी करेंगे। युवा रचना धर्मिता के प्रोन्नयन हेतु भागीदारी के लिए निदेशक राजकुमार साह ने कालेज परिवार के प्रति आभार प्रकट किया, सत्यम चौबे छात्र संघ अध्यक्ष ने कहा कि- ऐसे कार्यक्रम बार-बार महाविद्यालय में होनी चाहिए, मैं हमेशा प्रयास करता रहूंगा। महावीर सिंह ने कहा कि- कला संस्कृति भारत की पहचान है।



