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पूर्व छात्रों ने तीन दिवसीय सेमीनार का किया आयोजन।

आज़मगढ़।

सरायमीर। क्षेत्र के प्रसिद्ध मदरसा इस्लाह में पूर्व छात्रों ने तीन दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया।सेमीनार में सम्बोधित करते हुए मौलाना जमील अहमद सिद्दीकी ने कहा इस्लाम धर्म से जुड़े रहने के लिए, यह आवश्यक है कि मुसलमान कुरआन, हदीस और नबी के द्वारा किए गए कार्यों को मजबूती से पकड़कर चलना होगा। मुसलमान वही हैं जो इस्लाम के स्पष्ट और पारदर्शी संदेश के साथ-साथ वर्तमान के स्थिति से भी अवगत हो। यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि इस्लाम के सम्बन्ध में घर सभी देश के भाईयों को पूरी तरह समझाए हम इस जिम्मेदारी को पूरा नहीं करते हैं तो हमें इसका जवाब अल्लाह के दरबार में देना होगा।मौलाना एनायतुल्लाह असद सुब्हानी ने कहा, "हम अल्लाह द्वारा भेजे गए कानून की अवज्ञा कर रहे हैं, और यह सोच रहे हैं कि अल्लाह तआला हमारी मदद करेगा। यह गलतफहमी है कि अल्लाह तआला उन लोगों की मदद करेगा जो उसे याद करते हैं। सेमीनार की अध्यक्षता करते हुए  पूर्व अमीर जमात-ए-इस्लामी के मौलाना जलालुद्दीन उमरी ने कहा कि देश की मौजूदा स्थिति के बारे में चिंता करने और घबराने से कुछ नहीं होगा। कुरआन और नबी की सुन्नत का पालन करें यह सभी समस्याओं का समाधान है और इस्लाम हमारे जीवन में है। ऐसा हो कि हमें हर जगह हर व्यक्ति देखकर इस्लाम को समझ सकें।उमरी जी दुआ पर कार्यक्रम समाप्त हुआ। कार्यक्रम का संचालन मौलाना सरफराज अहमद ने की।इस दौरान क्षेत्र के हजारों संख्या लोग उपस्थित थे । 

मोहम्मद यासिर सरायमीर 
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