आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
सगड़ी। आज़मगढ़ जिले के जीयनपुर नगर पंचायत स्थित समाज सेवी ज्ञानेंद्र मिश्रा जी के आवास पर शनिवार शाम 5 बजे वरिष्ठ पत्रकारों के नेतृत्व में हिंदी पत्रकार दिवस के मौके पर अध्यक्ष मन्नू लाल जी की अध्यक्षता में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
हिंदी पत्रकारिता विषय पर चर्चा में वक्ताओं ने विभिन्न आयामों पर अपनी बात रखी और वक्ताओं द्वारा सामाजिक मूल्यों पर आधारित व प्रमाणिक पत्रकारिता पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ज्ञानेन्द्र मिश्रा ने कहा कि आज की स्थिति में पत्रकारों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। पत्रकारिता के इस बदलते दौर में उन्हें दोतरफा जूझना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि ग्रामीण अंचल के पत्रकारों को उनके रक्षा सुरक्षा की व्यवस्था करें।
साथ ही साथ वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप तिवारी ने कहा की पत्रकारिता तो आदिकाल से चल रही है लेकिन समय-समय पर उसका स्वरूप बदलता ही गया।
हिन्दी पत्रकारिता 30 मई 1826 से शुरू हुई जिस दिन हिन्दी में पहला समाचारपत्र प्रकाशित हुआ। हिन्दी पत्रकारिता तमाम उतार-चढ़ाव के बाद आज जनता के द्वार तक पहुंच पायी है। और उनकी आवाज शासन, प्रशासन तक पहुंचाने में बखूबी भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि इससे इस लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ का महत्व काफी बढ़ गया
आपको बता दे कि गोष्ठी के दौरान सभी पत्रकारों ने शोसल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए मास्क भी लगा कर कोरोना से जागरूकता का परिचय दिया।
इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार मन्नूलाल जयसवाल,,ज्ञानदेर मिश्रा ,जीत बहादुरलाल श्रीवास्तव,प्रदीप तिवारी, कृष्ण चतुर्वेदी, फहद खान नीतीश जयसवाल,आदित्य चुतर्वेदी, आदि लोग मौजूद रहे।