आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़। सगड़ी तहसील क्षेत्र के अंजान शहीद में शहीद भगत सिंह की जयंती पर उन्हें लोगों ने याद किया। वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह सच्चे राष्ट्रभक्त थे। उन्होंने पढ़ाई छोड़कर देश को स्वतंत्र कराने का बीड़ा उठाया। ऐसी ही बलिदानी क्रांतिकारियों की वजह से देश आजाद हो सका, मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान क्रांतिकारी भगत सिंह को याद किया और उन्हें युवाओं का प्रेरणास्त्रोत बताया।
सगड़ी तहसील के अंजान शहीद में सरदार भगत सिंह की जयंती पर पर गोष्ठी का आयोजन किया। साथ ही भगत सिंह के चित्र पर फूल मालाएं अर्पित कीं।
प्रवीण कुमार ने कहा कि- शहीद भगत सिंह की जयंती पर हम उन्हें नमन करते हैं, भगत सिंह जिन्हें हमारे देश को अंग्रेजों से आजाद कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी, अपने क्रांतिकारी संघर्षों से भारत देश को आजादी दिलाई है, ऐसे वीर सपूत को भुलाया नहीं जा सकता।
राहुल कुमार ने कहा कि- भगत सिंह ने बचपन से ही आजादी और क्रांति की बातें करते थे, वह अपना गुरु करतार सिंह सांबा को मानते थे करतार सिंह सांभा को भी अंग्रेजों ने फांसी दे दी उनकी तस्वीर को वह अपनी जेब में रखकर चलते थे, भगत सिंह की पूरी जीवनी बताई।
अरविंद ने कहा कि- शहीद भगत सिंह का जन्म पंजाब प्रांत के एक गांव के किसान परिवार में हुआ था। 1919 को जलिया वाले बाग में हुए नरसंहार ने इनको झकझोर दिया। जिसके चलते उन्होंने पढ़ाई छोड़कर देश की आजादी के लिए नौजवान भारत सभा की स्थापना की।
इस विचार गोष्ठी के दौरान- सरदार भगत सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान में बेरोजगारी और शिक्षा नीति को लेकर चर्चा की गई और विरोध भी जताया गया।
इस दौरान गोष्ठी कार्यक्रम में प्रवीण कुमार, अरविंद कुमार, राहुल कुमार, मुकेश कुमार, प्रमोद, चंद्रकांत, अमरजीत, हरीशचंद, कमलेश, राजू, यशवंत गौतम आदि लोग मौजूद रहे, कार्यक्रम का संचालन अरविंद कुमार ने किया।