आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आज़मगढ़: अतरौलिया के मदियापार में गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर शांति उपवन में झंडारोहण कर अमर शहीद भगवती प्रसाद सिंह की स्थापित प्रतिमा पर उनकी पत्नी बयासी वर्षीय ललिता देवी और पुत्री सुदामा देवी ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें याद किया।
आपकी बतादें कि- अमर शहीद भगवती प्रसाद सिंह 1962 में चाइना वार में 29 वर्ष की अवस्था में लद्दाख में शहीद हो गए थे। उस वक्त उनको कोई बेटा नहीं था, सिर्फ एक बेटी सुदामा देवी जो 4 माह की थीं। उसे देखने के लिए छुट्टी लेकर आए थे और तभी घर पर ही युद्ध की सूचना मिली और सेना द्वारा वापस बॉर्डर पर बुला लिए गए।
जहां लड़ते-लड़ते कई चीनी सैनिकों को मारते हुए शहीद हो गए थे। जिनके सम्मान में सरकार द्वारा दिए गए शांति उपवन में उनकी प्रतिमा स्थापित है।
जहां लड़ते-लड़ते कई चीनी सैनिकों को मारते हुए शहीद हो गए थे। जिनके सम्मान में सरकार द्वारा दिए गए शांति उपवन में उनकी प्रतिमा स्थापित है।
आज गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर झंडारोहण के बाद श्रद्धांजलि देते हुए उनकी पुत्री सुदामा देवी ने बताया कि- मुझे खुद याद नहीं है कि मैंने अपने पिता का चेहरा भी कभी देखा। लेकिन मुझे इस बात का हमेशा गर्व रहेगा कि मैं एक शहीद पिता की पुत्री हूं। और मेरे पिता ने देश के लिए अपनी जान गवा दी।
इस मौके पर मदियापार ग्राम प्रधान समीर सिंह, पूर्व प्रधान वीरेंद्र तिवारी, भाजपा नेता प्रमोद सिंह, शीतला प्रसाद सिंह, लालचंद सिंह, सत्तार अहमद, रामधनी जायसवाल, मोहन विश्वकर्मा आदि सहित गांव क्षेत्र के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के संयोजक डॉ राजेंद्र सिंह रहे।