आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आज़मगढ़: सगड़ी तहसील के श्री गांधी पी.जी. कॉलेज मालटारी आजमगढ़ राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर 15-02-2021 से प्राथमिक विद्यालय राजू पट्टी पर आयोजित है। यह शिविर 21-02-2021 तक संपन्न होना है। यह शिविर केवल दिन में लगना है पहले की तरह रात में नहीं।
शिविर स्थल प्राथमिक विद्यालय राजू पट्टी पर छात्र-छात्राएं आज प्रातः 9 बजे उपस्थित हो गए।
कुछ लोगों ने पोस्टर बैनर व्यवस्थित किए, कुछ लोग कमरे की साफ-सफाई कर, स्वच्छता का संदेश दिया, कुछ लोग बर्तन की धुलाई में लगे, कुछ लोग काली जी के मंदिर की सफाई किए, हाजिरी का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। क्रम से इकाई बार लोगों ने अपने-अपने हस्ताक्षर बनाएं।
1 बजे लोगों को नाश्ता वितरित किया गया। रानी लक्ष्मीबाई ग्रुप की छात्राओं ने भ्रूण हत्या विषय पर नाटक किया इसमें बंदना कुमारी, अंजू, सरिता, मोनिका, किरण, लक्ष्मी, रानी सम्मिलित रही।
नाटक का प्रारंभ होता है नाट-बहू के विवाद से ।
सांस कहती है कि हमें लड़का ही चाहिए जबकि बहू कहती है कि लड़का-लड़की बराबर है, इन दोनों में कोई अंतर नहीं है, सोनोग्राफी होती है सूचना मिलती है गर्भ में बेटी है ।और सास हत्या करवाने पर उतारू हो जाती है बहू की एक भी नहीं सुनती है। रात्रि में सास को सपना आता है काली माता का धन के लिए लक्ष्मी की पूजा आप करती हैं, शक्ति के लिए दुर्गा की पूजा करती हैं, ज्ञान के लिए सरस्वती की पूजा करती हैं और तीनों की भरपाई जो आपको होती है वह महिला के रूप में मैं करती हूं किंतु आज आपको मुखाग्नि देने, पिंडा पानी देने, दहेज लेने के लिए लड़का ही चाहिए ऐसा क्यों ? तब सांस कहती है कि गलती हो गई मां काली माता जी अब मैं ऐसा नहीं करूंगी, उधर गर्भ में पल रही बच्ची की आवाज आती है कि मां मुझे मत मारो मैं बोझ नहीं बनूंगी, भैया का छोटा कपड़ा भी पहन लूंगी, आधे पेट भी खाकर मैं रह लूंगी, भैया की किताब में पढ़ लूंगी, मां मुझे मत मारो यह बात सुनकर मां द्रवित होती है।
बच्ची का जन्म होता है और प्रसन्न होते हैं ।
समारोह के मुख्य अतिथि राजू पट्टी प्राथमिक विद्यालय के हेड मास्टर नगीना राम रहे।अध्यक्षता राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी नितेश जायसवाल ने की।
अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि श्री नगीना राम में कहा कि "वक्त आता है, वक्त चला जाता है, वक्त का वक्त पर ध्यान रखो,वक्त वक्त पर काम आता है।"
आगे आप ने कहा कि सफलता के मार्ग बहुत हैं किंतु समय का पाबंद होकर जीवन यापन करने से सफलता जल्दी मिलती है।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ.जायसवाल ने कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए कभी भी समूह का इंतजार न करे। यदि आप किसी के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं तो आप एक स्वयंसेवक के रूप में सफल है। डॉ. शैलेश पाठक ने संचालन किया।
शाम 4:00 बजे सभी स्वयंसेवक सेविकाओं को अपने घर जाने की अनुमति दी गई।





