आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
पोषण, सहयोग और जागरूकता से ही देश क्षय रोग से होगा मुक्त– डीएम
10 क्षय रोगियों को आज जिलाधिकारी व सीएमओ सहित अन्य अधिकारियों ने लिया गोद।
आजमगढ़, 24 मार्च 2022- विश्व क्षय रोग दिवस पर गुरुवार को टीबी रोगियों को गोद लेने के लिए कार्यक्रम आयोजित हुआ। होटल ग्रैंड एसआर, रइदोपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीएम व सीएमओ सहित अन्य अधिकारियों ने 10 क्षय रोगियों को गोद लिया। इसी मौके पर सामाजिक, शैक्षणिक संस्थाओं और गणमान्य नागरिकों ने 600 रोगियों को गोद लिया।
जिला अधिकारी अमृत त्रिपाठी ने कहा कि क्षय रोगियों को गोद लेकर उनके दवा की नियमित निगरानी एवं पोषण आहार दिये जाने के सहयोग से उन्हें क्षय रोग से लड़ने में मदद मिलेगी। तभी हम वर्ष 2025 तक देश को क्षय रोग से मुक्त कर सकते हैं। क्षय रोग के प्रति जागरूक करने की दिशा में यह बेहद ही महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत जनपद में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों तथा 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला क्षय रोगियों को अलग-अलग श्रेणी में बांटकर गोद दिलवाया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आईएन तिवारी ने कहा कि देश क्षय रोग मुक्त करने की दिशा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा क्षय रोगियों को गोद लिए जाने के तर्ज पर शासन द्वारा समय–समय पर क्षय रोग से मुक्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत अब बाल क्षय रोगियों के अतिरिक्त वयस्क महिला व पुरुष क्षय रोगियों को भी स्वयंसेवी संस्थाएं,शैक्षणिक संस्थाओं, गणमान्य नागरिकों के द्वारा 1500 रोगियों को गोद लिया जायेगा। मरीजों को गोद लेने के बाद रोगियों को हर महीने पोषण किट उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही उनके साथ सेहत पर नजर भी रखा जायेगा।
जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ परवेज़ अख्तर ने बताया कि जनपद में राज्यपाल की पहल पर गुरुवार को जिले में क्षय रोगियों को गोद लिए जाने के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वर्तमान में लगभग 1030 क्षय रोगियों को गोद लेकर उनके पोषण की व्यवस्था की जा रही है। क्षय रोगियों को गोद लेने के लिए एक माह का विशेष अभियान चलाया जायेगा। गोद लेने वाली संस्थाओं द्वारा क्षय रोगी को अपने परिवार के सदस्य के समान डॉट्स के माध्यम से दी जाने वाली दवा बंद किये बिना, सम्पू्र्ण उपचार तक दवा खाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जिला समन्वक पीयूष अग्रवाल ने बताया कि जनपद की संस्थाओं के द्वारा सभी क्षय रोगियों को गोद लेकर उनको इलाज पूरा होने तक निःशुल्क कच्ची खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जायेगी।
क्षय रोगियों को 500 रुपए प्रतिमाह पोषण भत्ता् के रुप में पूर्व की तरह दिया जायेगा। वहीं गोद लेने वाली संस्थाओं के द्वारा हर क्षय रोगी को हर महीने एक किलो मूंगफली, एक किलो भुना चना, एक किलो गुड़, एक किलो सत्तू, एक किलो तिल या गजक, एक किलो अन्य न्यूट्रीशनल सप्लीमेंट जैसे हार्लिक्स, बोर्नबीटा, कंप्लान आदि पिछले चार वर्ष से लगातार दिया जा रहा है। यह उन्हें तब तक दिया जाता है जब तक वह पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाते हैं।
गोद ली गई हरीपुर भंवरनाथ निवासी 15 वर्षीय नंदिनी साहनी ने कहा कि 22 जनवरी से मेरा इलाज किया जा रहा है। विभाग द्वारा ही नि:शुल्क दवा और जांच की जाती है। अब काफी आराम है। फरासटोला चौक निवासी 17 वर्षीय रीमा यादव ने बताया कि मेरी जांच फरवरी के 11 तारीख को हुई और उसी दिन से हमारा इलाज शुरू कर दिया गया था। पहले से अब मैं काफी बेहतर महसूस कर रही हूँ।