आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
जच्चा-बच्चा रहेंगे सुरक्षित तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु-दर में आयेगी कमी
आजमगढ़, 20 अप्रैल 2022 : जिले में हर माह की नौ तारीख को आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का दायरा बढ़ाने का निर्णय सरकार ने लिया है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है जच्चा-बच्चा के जीवन को सुरक्षित रखना तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु-दर को न्यूनतम स्तर पर लाना। योजना से कोई भी गर्भवती वंचित न रह जाए, इसके लिए मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा बढ़ाई जा रही है। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आईएन तिवारी का।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक में गर्भावस्था से जुड़ी जांच और प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उन्हें प्रदान की जायेंगी। इस उद्देश्य को गति देने के लिए अब हर माह की 24 तारीख को सभी (एफआरयू) फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) स्तर पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन किया जायेगा।
जिला परामर्शदाता दिनेश कुमार ने बताया कि मातृत्व स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के किए सरकार द्वारा गर्भावस्था दौरान एवं पश्चात स्वास्थ्य संबंधी नि:शुल्क जांच व सुविधा उपलब्ध कराया जायेगा। जिससे जच्चा-बच्चा को सुरक्षित किया जा सके। इस उद्देश्य से अब हर माह की 24 तारीख को जनपद में फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक का आयोजन किया जाएगा। गर्भवती की प्रसव पूर्व मुफ्त जांच के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर माह की 9 तारीख को स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष आयोजन होता है| जहां चिकित्सक द्वारा गर्भवती की संपूर्ण जांच नि:शुल्क की जाती है। और कोई जटिलता नजर आती है, तो उन महिलाओं को चिन्हित कर उन पर खास नजर रखी जाती है, ताकि जच्चा-बच्चा को सुरक्षित बनाया जा सके। इसी क्रम में अब जनपद की फूलपुर, कोयलसा, मेहनगर तहबरपुर, लालगंज, बिलरियागंज, मुबारकपूर, जिला महिला चिकित्सालय, बरदह एफआरयू पर हर माह की 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक का आयोजन किया जायेगा। इसमें गर्भवती को द्वितीय व तृतीय मास में विशेषज्ञ चिकित्सक की देखरेख में नि:शुल्क प्रसव एवं गुणवत्तापरक जांच एवं उपचार उपलब्ध कराया जायेगा। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के अवसर पर प्रत्येक गर्भवती की पाँच नि:शुल्क जांच ब्लड टेस्ट, ब्लड प्रेशर, यूरिन टेस्ट, हीमोग्लोबिन व अल्ट्रासाउंड की जाती हैं।