आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़, 6 अप्रैल 2022: स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को भी पुलिस और परिवहन विभाग के कर्मियों की तर्ज पर एकीकृत सड़क दुर्घटना डाटाबेस परियोजना (आईआरएडी) एप के बारे में प्रशिक्षित किया गया। एकीकृत सड़क दुर्घटना डाटाबेस परियोजना (आईआरएडी) एप के जरिए एक क्लिक करते ही समुचित जानकारी मिल जाएगी। इसके लिए यहां स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों व पदाधिकारियों को विगत दिनों प्रशिक्षित किया गया है। इस एप का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आईएन तिवारी का।
डॉ तिवारी ने बताया कि इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (आईआरएडी) मोबाइल/वेब एप्लीकेशन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को गोल्डन ऑवर में चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराना तथा मृतकों एवं दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाना है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संजय कुमार ने बताया कि आईआरएडी मोबाइल वेब एप्लीकेशन में वर्तमान में पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा डाटा फीडिंग का कार्य किया जा रहा है। अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को भी इस प्रोजेक्ट में सम्मिलित किया गया है। जनपद के समस्त सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों के डॉक्टर्स एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर्स को आईआरएडी एप्लीकेशन का प्रशिक्षण दिया गया है।
इससे जनपद आजमगढ़ में आईआरएडी प्रोजेक्ट का शत-प्रतिशत प्रभावी क्रियान्वयन किया जा सकेगा।
अब आईआरएडी एप पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मी भी दुर्घटना का डाटा अपलोड करेंगे। उन्होंने बताया कि इस एप पर 29 बिंदुओं का ब्यौरा दर्ज होगा।
उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी राजेश पांडे ने बताया कि उक्त एप के जरिए दुर्घटना की सूचना पर पहुंचे जांच अधिकारी को दुर्घटना का दिन, तारीख, समय, घटना के वक्त रोशनी की स्थिति, दुर्घटना में मौत हुई या घायल, हादसे से नुकसान, क्षतिग्रस्त वाहनों की संख्या, दुर्घटना का कारण, दोनों वाहन व उनके चालकों की पूरी जानकारी, घटनास्थल का लैंडमार्क, वाहन की स्थिति, ओवर स्पीड, ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता, सड़क की खराब व इंजीनियरिंग संबंधित स्थिति की पूरी जानकारी मिलेगी। जिसके बाद स्वास्थ्य कर्मी एप में पूरा ब्योरा दर्ज कर सकेंगे और जांच में सुविधा होगी।