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ऐसी बेटिया, आगे की पीढ़ियों के लिए बनेगी प्रेरणा।


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: आदर्श श्रीवास्तव

प्रतिभा को सही मार्गदर्शन की आवश्यकता।

यदि लोग शिक्षित होंगे तो वे अपना अधिकार खुद ही ले लेंगे: महिमा तिवारी

आज़मगढ़: आजमगढ़ की बिटिया महिमा तिवारी प्रयास सामाजिक संगठन की महिला मोर्चा प्रभारी पढ़ाई के साथ साथ फिल्मों में भी इतिहास रच रही हैं।
जनपद के तहसील सदर स्थित शाहगढ़ गांव की मूल रूप से रहने वाली महिमा तिवारी जो कि पढ़ाई के साथ भोजपुरी फिल्मों में भी अपनी प्रतिभा निखारने के प्रयास कर रही हैं। महिमा तिवारी की पहली भोजपुरी फ़िल्म "मां का आंचल" जिसमें अभिनेत्री शालू सिंह के बचपन का रोल किया है। फिल्म "कठपुतली" में नर्स का अभिनय, फिल्म "मेरे हसबैंड की शादी है" इसमें अभिनेत्री काजल रागवानी की बहन का अभिनय फिल्म "बैंड बज गया दूल्हा फस गया" जिसकी अभी शूटिंग चल रही है, उसमें अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की सहपाठी की भूमिका निभा रही हैं।
महिमा तिवारी को बेहतर प्रदर्शन और उनके सामाजिक कार्यों के चलते आजमगढ़ के कई डीएम एसपी सम्मानित भी कर चुके है। 2017 के सम्मान पत्र के साथ एसपी अजय कुमार साहनी ने   नारी सशक्ति करण पर वाद विवाद प्रतियोगिता में अव्वल आने पर सम्मानित किया था।
महिमा तिवारी के पिता सूरज प्रकश बचपन से ही नहीं रहे। माँ मीरा तिवारी और नाना स्व ओमप्रकाश चौबे ने ही इनकी परवरिश की। छोटा भाई सत्यम जोकि अभी पढ़ाई कर रहा है। महिमा तिवारी विवेकानंद इंटर कॉलेज 2017 की परीक्षा में 82% अंक लाकर टॉपर रही हैं। और बीएड तक शिक्षा ग्रहण की है। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के रिजल्ट आने पर 2015 में सम्मानित किया गया था।
महिमा तिवारी बताती हैं कि उनको भाषण देना, मेहंदी, रंगोली बनाना बेहद पसंद है। अपने बारे में उन्होंने बताया कि अब तक नाना जी ने पढ़ाई करवाई, जो अब नही रहे। मैं खुद ही पढ़ाई कर रही हूं। यदि मुझे सपोर्ट और मार्गदर्शन मिले, तो मै भविष्य में यूपीएससी परीक्षा पास करके एक आईएएस अधिकारी बन कर  देश की सेवा करना चाहती हूँ। इसके साथ ही एजुकेशन प्रोजेक्ट को बढ़ावा देना है। जिससे एजुकेशन सिस्टम में सुधार हो और सभी लोग शिक्षित हो। मेरे जीवन का लक्ष्य महिलाओं की शिक्षा में बढ़ावा देना और लोगो को अपने अधिकार के लिए जागरूक करना है।  मेरे विचार हैं-" यदि लोग शिक्षित होंगे तो वे अपना अधिकार खुद ही ले लेंगे।"
महिमा तिवारी ने बहुत ही कम उम्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और यही कारण रहा कि तमाम आयोजनों में इन्हें सम्मानित भी किया गया। महिमा तिवारी बहुत कुछ करने का जज़्बा लिए नए भविष्य की तलाश में जुटी हैं। शायद इन्हीं सब को देखते हुए आजमगढ़ प्रयास सामाजिक संगठन का महिला मोर्चा प्रभारी भी बनाया गया हैं।

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