आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
समारोह में आजमगढ़ बलिया मऊ से धोबी समाज के लोग आए हुए थे।
लाटघाट क्षेत्र में समारोह का हुआ आयोजन।
आज़मगढ़: धोबी समाज की जिला इकाई आजमगढ़ ने संत गाडगे की जयंती समारोह का आयोजन साधन सहकारी समिति मुहम्मदपुर लाटघाट पर किया। कार्यक्रम का आरंभ मुख्य अतिथि पूर्व आईएएस चिंतामणि ने संत गाडगे और भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर फूल का माला पहनकर अगरबत्ती जलाकर किया। कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों को धोबी समाज के लोगों ने फूल का माला पहनकर संत गाडगे की फोटो देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि संत गाडगे जैसे महापुरुष किसी जाति धर्म के नहीं होते हैं मानवता के लिए होते हैं उनके जीवन को देखते हुए संघर्षो का अनुसरण सबको करना चाहिए शिक्षा स्वच्छता मानवता ही उनके अंदर समय हुआ था। धोबी समाज के लोग अंधविश्वासी और गरीब होते हैं उनको मेहनत करके अपने बेटे बेटियों को शिक्षा देनी चाहिए ।जिससे समाज उन्नति कर सके और अपने समाज पर होने वाले षड्यंत्र को समझ सके। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने हमको संविधान का अधिकार दिया। जिसके तहत हमको राजनीति से लेकर सामाजिक स्तर पर सुविधा मिलती है। वर्तमान सरकार दलितो और पिछड़ो के हक पर धीरे-धीरे कैची चला रही है।
विशिष्ट अतिथि जगधारी राम ने कहा कि समाज की गरीबी को देखते हुए संत गाडगे कभी पूरा वस्त्र धारण नहीं किया। कपड़े के कतरन को पहना करते थे। उन्होंने कहा था कि भगवान को मंदिर में मत खोजो। भगवान को गरीबों और मजलूमों के अंदर खोजो। वह स्वच्छता पर बहुत ध्यान दिया करते थे। खुद अपने साफ सफाई किया करते थे।
कार्यक्रम के अंत में समाज के 50 लोगों को मुख्य अतिथि चिंतामणि ने अंग वस्त्रम उड़कर डायरी और पेन देकर सम्मानित किया। यह सभी लोग सरकारी नौकरियों से सेवानिवृत थे।
कार्यक्रम के आयोजक सुरेंद्र प्रसाद ने आए हुए सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामजीत पथिक ने किया संचालन डॉ अखिलेश कुमार कनौजिया ने किया।
इस अवसर पर डॉक्टर अखिलेश कुमार कनौजिया जिला अध्यक्ष आजमगढ़ धोबी समाज, सागर कनौजिया सगड़ी अध्यक्ष, नन्हे कनौजिया, सुभाष चंद्र, अवधेश कुमार ,राम हंस ,ओम प्रकाश ,अशोक चौधरी, प्रेमनाथ सरोज कुमार ,उमेश चंद, रमेश, शिवाजी, आनंद, बेचू ,सिकंदर ,सीताराम, अशोक, राजहंस, रमाकांत, गुलाबचंद ,बालचंद देवदत्त मुन्ना प्रसाद , प्रभाकर राव ग्राम प्रधान मुहम्मदपुर संहिता सैकड़ो की संख्या में धोबी समाज के लोग उपस्थित रहे।