आज़मगढ़। उर्दू प्रेस क्लब की बैठक बुधवार को मोहल्ला आसिफगंज में आयोजित हुई, जिसमें क्लब के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में प्रेस क्लब के अध्यक्ष सैयद काजी अरशद ने जनपद में शूटिंग रेंज (चांदमारी का मैदान) की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रायफल क्लब की स्थापना तो जनपद में है, लेकिन शूटिंग अभ्यास के लिए कोई समर्पित स्थान नहीं है। इससे उन होनहार युवाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जो निशानेबाजी में रुचि रखते हैं और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना कौशल दिखाना चाहते हैं।
शूटिंग रेंज क्यों आवश्यक है?
श्री अरशद ने बताया कि राइफल क्लब एक महत्वपूर्ण संस्था है, जिसके तत्वावधान में प्रशिक्षित और अप्रशिक्षित व्यक्ति शूटिंग का अभ्यास कर सकते हैं। इसके अलावा, शस्त्र लाइसेंस धारकों के लिए भी यह जरूरी है कि वे अपने हथियारों के सही संचालन और रखरखाव का प्रशिक्षण प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि अनेकों लाइसेंसी व्यक्ति ऐसे हैं जो कभी फायरिंग का अभ्यास नहीं करते और उन्हें शस्त्र संचालन की तकनीकी जानकारी भी नहीं होती। यदि जिले में एक सुनियोजित फायरिंग रेंज होती, तो वे अपने शस्त्रों को उचित तरीके से इस्तेमाल करना सीख सकते थे।
राइफल क्लब और राष्ट्रीय सुरक्षा
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि भारत-चीन युद्ध के दौरान राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के प्रत्येक जिले में रायफल क्लबों की स्थापना की गई थी। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को शस्त्र प्रशिक्षण देकर आपातकालीन परिस्थितियों में देश की रक्षा के लिए तैयार करना था। वर्तमान समय में भी, यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो युवा निशानेबाज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर सकते हैं।
युवाओं के करियर के लिए एक बड़ा अवसर
प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने चिंता जताई कि कई प्रतिभाशाली युवा जो स्टेट, नेशनल और जोनल स्तर की निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में भाग लेना चाहते हैं, वे उचित संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाते हैं। शूटिंग रेंज की स्थापना से ऐसे होनहार युवा अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं और प्रदेश एवं देश के लिए पदक जीतने में सक्षम हो सकते हैं।
प्रशासन से अपील
बैठक में सैयद जमील हैदर ने कहा कि रायफल क्लब आजमगढ़ को जल्द से जल्द एक उपयुक्त चांदमारी स्थल चिन्हित करना चाहिए और उसे जिले के निशानेबाजों एवं शस्त्र लाइसेंस धारकों के लिए खोल देना चाहिए। इससे वे सही ढंग से अपने हथियारों का संचालन सीख सकेंगे और प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
प्रेस क्लब के महामंत्री सैयद असगर मेहंदी ने कहा कि यह विषय जिले और देशहित में अत्यंत महत्वपूर्ण है और प्रशासन को इस पर प्राथमिकता से कार्य करना चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जिला प्रशासन इस विषय पर व्यक्तिगत रुचि लेकर शीघ्र उचित कदम उठाएगा।
समर्थन और सहयोग
बैठक में उपस्थित अन्य पदाधिकारियों, जितेंद्र कुमार मौर्या एडवोकेट, ऐतशाम अहमद, सैयद नज्मी, किशन कुमार, महमूद अहमद, मोहम्मद सलीम एडवोकेट और मोहम्मद इब्राहीम ने भी शूटिंग रेंज की स्थापना को जिले के लिए अनिवार्य बताया और प्रशासन से इस दिशा में जल्द कदम उठाने की अपील की।
निष्कर्ष
आजमगढ़ में शूटिंग रेंज की स्थापना न केवल युवा निशानेबाजों के करियर को संवार सकती है, बल्कि शस्त्र लाइसेंस धारकों को भी अपने हथियारों का सही ढंग से उपयोग और रखरखाव सिखाने में सहायक सिद्ध होगी। प्रेस क्लब ने इस मांग को जिला प्रशासन के समक्ष गंभीरता से रखने की बात कही और उम्मीद जताई कि शीघ्र ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।