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समाजसेवी ज्ञानेंद्र मिश्रा के पिता व आर्मी रिटायर्ड मार्कण्डेय मिश्रा का आकस्मिक निधन, नगर में शोक की लहर


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आज़मगढ़। जीयनपुर नगर पंचायत के वरिष्ठ समाजसेवी व भाजपा कार्यकर्ता ज्ञानेंद्र मिश्रा के पिता व सेना से सेवानिवृत्त मार्कण्डेय मिश्रा का शुक्रवार शाम लगभग 4:30 बजे आकस्मिक निधन हो गया। हृदयगति रुकने के कारण आई इस दुखद खबर ने पूरे नगर को शोक में डुबो दिया।

सेना से रिटायर होने के बाद भी मार्कण्डेय मिश्रा समाजसेवा में सक्रिय रहे। उनका जीवन अनुशासन, सेवा और सहजता का प्रतीक रहा। नगर में उन्हें एक अनुशासित, सौम्य और समाजहित में समर्पित व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता था। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र के सामाजिक, राजनीतिक और आम नागरिक बड़ी संख्या में मिश्रा निवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करने लगे।
मिश्रा परिवार नगर के प्रतिष्ठित और सम्मानित परिवारों में शुमार है। इस दुखद घटना से नगर में गहरा सन्नाटा पसरा रहा। हर आंख नम और हर मन व्यथित दिखाई दिया। लोग उन्हें याद करते हुए कह रहे थे — "ऐसे सच्चे, सहज और सेवाभावी लोग अब विरले ही मिलते हैं।"
बुज़ुर्गों के लिए सहारा और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहे मार्कण्डेय मिश्रा की सादगी और सेवाभाव ने नगरवासियों के हृदय में अमिट स्थान बनाया।
इस कठिन समय में स्वयं को संभालते हुए उनके पुत्र ज्ञानेंद्र मिश्रा ने भावुक स्वर में कहा, "पिता जी सिर्फ हमारे अभिभावक नहीं, बल्कि मेरे जीवन के सबसे बड़े मार्गदर्शक, मित्र और प्रेरणा-स्रोत थे। उनका जाना मेरे लिए एक गहरा व्यक्तिगत शून्य है।"
उनका अंतिम संस्कार शनिवार सुबह 9 बजे सरयू तट, दोहरीघाट पर संपन्न होगा।

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