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कुकरौछी में 1.80 करोड़ की लागत से बनेगा बाढ़ बचाव नियंत्रण केंद्र, प्रभारी मंत्री ने किया शिलान्यास


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

बाढ़ के दौरान एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीमों के ठहरने से लेकर प्राथमिक उपचार तक की होगी व्यवस्था

आजमगढ़। सगड़ी तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों में आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए ग्राम कुकरौछी में बाढ़ बचाव नियंत्रण केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस केंद्र का शिलान्यास सोमवार को प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने किया।

जिला प्रशासन के अनुसार, बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों के नजदीक आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह केंद्र विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सरकारी स्तर पर इस तरह की स्थायी सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण आपात स्थिति में वैकल्पिक भवनों का सहारा लेना पड़ता है।

प्रस्तावित केंद्र में चार कमरे और शौचालय, डोरमेट्री, किचन व डाइनिंग हॉल, मीटिंग हॉल तथा स्टोर रूम का निर्माण कराया जाएगा। यहां एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित अन्य राहत एवं बचाव दलों के ठहरने की व्यवस्था होगी। साथ ही राहत सामग्री और आपातकालीन उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए भी स्थान उपलब्ध रहेगा।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से पहुंच सकेंगी टीमें

केंद्र का निर्माण पूरा होने के बाद बाढ़ के दौरान राहत और बचाव टीमों को प्रभावित इलाकों के करीब ही ठहरने की सुविधा मिलेगी। इससे टीमों की तैनाती में लगने वाला समय कम करने और राहत कार्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन की व्यवस्था को केवल राहत और मुआवजे तक सीमित रखने के बजाय बचाव, त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय पर अधिक जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक संसाधनों और बेहतर तैयारी के माध्यम से आपदा के समय प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

53.58 लाख से बनेगा आपातकालीन स्वास्थ्य केंद्र

बाढ़ बचाव नियंत्रण केंद्र परिसर में 53.58 लाख रुपये की लागत से दो कक्षों वाला आपातकालीन स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार केंद्र और बाउंड्रीवाल का निर्माण भी शुरू हो चुका है।

इस स्वास्थ्य केंद्र में एक कमरे का उपयोग प्राथमिक उपचार सामग्री के भंडारण के लिए किया जाएगा, जबकि दूसरे कक्ष में फर्स्ट एड की सुविधा के साथ शौचालय बनाया जाएगा। बाढ़ या अन्य आपदा के दौरान घायल अथवा बीमार लोगों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने में यह केंद्र उपयोगी साबित हो सकता है।

मुख्य मार्ग से केंद्र तक बनेगा संपर्क मार्ग

आपदा के समय एंबुलेंस, राहत सामग्री और बचाव दलों के वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए मुख्य मार्ग से नियंत्रण केंद्र तक संपर्क मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही सड़क की फीलिंग और परिसर की भूमि को ऊंचा करने का काम भी शुरू कर दिया गया है।

प्रशासन का कहना है कि इन कार्यों के पूरा होने के बाद बाढ़ के दौरान राहत सामग्री, आवश्यक उपकरण और बचाव दलों को केंद्र तक पहुंचाने में आसानी होगी।

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की पहल से शुरू हुई इस परियोजना को बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है।

शिलान्यास कार्यक्रम में एसएसपी डॉ. अनिल कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह, पूर्व विधायक वंदना सिंह, अरविंद जायसवाल, मनीष मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


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